कानपुर । सरसौल विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम सेमरुवा और बेहटा सकत में जंगली जानवर के हमले से तीन ग्रामीण घायल हो गए । जिसके बाद शुक्रवार को वन विभाग की टीम सतर्क हो गई है । वन विभाग की टीम ने गांवों में पहुंची ।
नरवल वन विभाग के वीट प्रभारी देवी शंकर तिवारी ने बताया कि टीम के साथ घायलों से बातचीत कर ग्रामीणों से जानकारी ली गई । वहीं भट्टा के पास जंगली जानवर के पैरों के निशान पाए गए । अंदाजा लकड़बग्घा का लगाया जा रहा है हालांकि अभी तक जंगली जानवर की पुष्टि नहीं हो सकी है । टीम द्वारा लगातार खेतों व भट्टा में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है । लेकिन जानवर का कुछ पता नहीं चल सका ।
मिली जानकारी अनुसार मंगलवार को नरवल के सेमरुवा व बेहटा सकत गांव में एक जंगली जानवर ने खेतों में काम कर रहे लोगों के ऊपर हमला बोलकर घायल कर दिया था ।
मामले की जानकारी मिलते ही गुरुवार को वन विभाग की टीम बिधनू क्षेत्र के रेंजर आयुष त्रिपाठी के नेतृव में सबसे पहले सेमरुवा गांव पहुंची । साथ में वन विभाग नरवल के बीट प्रभारी डीएस तिवारी व कृष्ण कुमार कुशवाहा भी थे ।
जिन्होंने घायलों से बातचीत करने के बाद ग्रामीणों से जानकारी लेकर टीम ने खेतों में भी खोजबीन की जानवर के पैरों के निशान बारिश होने के कारण कोई भी खास सुराग वन विभाग की टीम को नहीं मिल सका इसके बाद शुक्रवार को भी ग्रामीणों ने खेतों में खतरनाक जानवर को देखा । लेकिन डर के मारे लोग सहम गया हैं ।
वही सेमरूवा निवासी करन पाल ने बताया कि जंगली जानवर के हमले के बाद लोग इतना डरे व सहमे है कि 4 से 5 पांच लोग मिलकर खेतों में काम करने के लिए जा रहे है ।
ग्रामीणों ने बताया कि जंगली जानवर शाम को करीब 4 बजे के बाद खेतों की तरफ दिखाई देता है । वहीं पाली गांव निवासी सचिन सिंह ने बताया कि गांव के एक चौहान ईंट भट्टा है जो करीब दस सालों से बंद है । यहां कई भट्टियां बनी हुई है । जिसमें करीब आधा दर्जन से अधिक लकड़बग्घा रहते हैं । कई बार खेतों में काम करने वाले किसानों ने लकड़बग्घों को देखा गया है । दो महीने पहले एक लकड़बग्घा का बच्चा ग्रामीणों ने पकड़ लिया था । जिसके बाद उसे छोड़ गया था ।
उन्होंने बताया कि हमला करने वाला जंगली जानवर लकड़बग्घा ही है । उन्होंने बताया कि गुरुवार को ही खेतों से जा रहे लकड़बग्घा का वीडियो मोबाइल से बनाया था । इस सम्बंध में वन विभाग के डिप्टी रेंजर अनिल सिंह तोमर का कहना है कि इस मामले की जानकारी प्राप्त हुई । वन विभाग की एक टीम को गांवों में भेजा गया । टीम ने घायल लोगों से मुलाकात कर जानकारी ली । जिसमें बताया गया कि जंगली जानवर लकड़बग्घा है । टीम द्वारा खेतों में जाकर तलाश की गई लेकिन जंगली जानवर मिल नहीं पाया है। टीम द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ।
