कोरबा । करीब एक वर्ष से 15वें वित्त और मूलभूत योजना का बजट जारी नहीं होने से ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्य अटक गए हैं । जिससे विभिन्न बुनियादी समस्याओं से ग्रामीण जनता परेशान हैं । गांव में नाला,नाली,पेयजल व्यवस्था,मार्ग मरम्मत आदि ठप पड़े हुए हैं ।
वित्तीय वर्ष 2024- 25 के 10 माह बाद भी 15वें वित्त व मूलभूत योजना के तहत मिलने वाली धनराशि जिले के ग्राम पंचायतों को नहीं मिली है । जिससे सैकड़ो पंचायतों के गावों में अनेको बुनियादी समस्याएं पसर गई है ।
बता दें कि शासन से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए 15 वें वित्त के तहत बजट दिया जाता है । वहीं ग्रामीण जनता के आवश्यकता अनुरूप उन्हें बुनियादी सुविधा मुहैया कराने मूलभूत योजना की भी राशि पंचायत को दी जाती है । लेकिन मिलने वाले दोनों बजट की राशि न मिलने से गांवों में अनेक निर्माण के कार्य सहित नाली,नाला ,पेयजल व्यवस्था,मरम्मत सहित अन्य कार्य अटके पड़े हैं ।
ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों की रुपरेखा तैयार कर ली है लेकिन उक्त राशि नही मिलने से विकास कार्य अधर में लटके हैं । बारिश के चलते ग्राम पंचायतों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं । नालियां टूट चुकी हैं । गांवों में गंदगी का अंबार है । जगह-जगह जलभराव होने से संक्रमण का खतरा मंडराता रहता है । विकास कार्य न होने से जहां ग्रामीणों के सामने कई समस्या है । वहीं सरपंच व सचिव भी ग्रामीणों की समस्याओं की शिकायतों से काफी चिंतित हैं । अनेक पंचायतों में तो यह सोचकर कि राशि आने पर भुगतान कर दिया जाएगा । अनेक निर्माण कार्य व बुनियादी जरूरते पूरी कर दी गई है और ऐसा करके राशि नही जारी होने से सरपंच,सचिव कर्जदार हो चले है तथा मजदूरों की मजदूरी व सामाग्री खरीदी के भुगतान को लेकर तकादे से परेशान हो गए है ।
सरपंचों का कहना है कि एक वर्ष गुजरने को है पर ग्राम पंचायत को 15वें वित्त और मूलभूत योजना का बजट नहीं मिला है । विकास कार्य और गांव की समस्याएं दूर करने में परेशानी हो रही है । ग्रामीण अनेक बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे है । बजट मिले तो गांव में विकास कार्य हों और लोगों की समस्याएं दूर हो । आने वाले महीने में नगरीय व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू की जा सकती है । ऐसे में शासन द्वारा मिलने वाली धनराशि जारी नहीं होने से उन्हें संकट से जूझना पड़ सकता है । सरपंचों ने जल्द ही 15वें वित्त और मूलभूत की राशि मिलने की शासन- प्रशासन से उम्मीद की है ।
