फतेहपुर । जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन चिकित्सा अनुभाग- 5 प्रत्येक वर्ष दो से तीन चरणो में संचारी रोगो की रोकथाम हेतु प्रभावी उपाय अपनाते हुये व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाता है ।
विगत वर्षों की भाति ही इस वर्ष भी माह अप्रैल-2025 मे संचारी रोग नियंत्रण अभियान (प्रथम चरण) 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु ब्लाक एवं न्याय स्तरीय कार्मिको को एक एक न्याय पंचायत का आवंटन करते हुए निर्देशित कर कृषि विभाग द्वारा संचारी रोग के वाहक/वेक्टर के रूप में कार्य करने वाले चूहों/छंछूदर के नियंत्रण हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम की कार्ययोजना जारी की जा चुकी है ।
शासन के निर्देश के कम में अधिक जोखिम वाले जनपद-फतेहपुर में भी उक्त कार्यक्रम चलाया जा रहा है । जिसके अन्तर्गत कृषि रक्षा अनुभाग द्वारा समस्त न्याय पंचायत में कुल 125 कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है व ब्लाक स्तर पर पर्यवेक्षकीय दायित्व के निर्वहन हेतु 13 सहायक विकास अधिकारियों/कृषि रक्षा पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगायी गयी है ।
ग्रामों मे प्रचार प्रसार एवं कृषकों में गोष्ठी/ कृषक वार्ता के माध्यम से चूहो/छछूदर नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जाना है । इसके लिए जनपद के निजी कृषि रक्षा प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध कृषि रक्षा रसायन जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत तथा एल्युमिनियम फास्फाइड 56 प्रतिशत का प्रयोग किया जाना है ।
कृषक भाइयों से अनुरोध है कि अपने अपने घरों में चूहा नियंत्रण हेतु कृषि रक्षा रसायनों का सावधानीपूर्वक प्रयोग करें । पहले दिन घरों के आस-पास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर एवं बिलों को बन्द करते हुए चिन्हित करें । दूसरे दिन निरीक्षण कर जो बिल बन्द हो वहाँ चिन्ह मिटा दें जहाँ बिल खुले पाये वहाँ चिन्ह रहने दें ।
खुले बिल में कृषि रक्षा रसायन के प्रयोग के लिए प्रति बिल 1 ग्राम दवा में 1.0 ग्राम सरसों का तेल व 50 ग्राम सूखा भुना आटा मिलाकर चूहे के बिल के पास या घर के कोने में रखे और अगले दिन निरीक्षण करें । चूहे के न मरने की दशा में पुनः उक्त कृषि रक्षा रसायन का प्रयोग करें । चूहें के मरने के बाद उसको जमीन में गड्ढा खोदकर दबा दें । साथ ही साथ यह भी ध्यान रखें कि कृषि रक्षा रसायन के प्रयोग के समय हाथ में दस्ताने पहनें । दवा रखने के बाद साबुन से अच्छी तरह से हाथ मुंह धुल लेना चाहिए । कृषि रक्षा रसायन बच्चों की पहुँच से दूर रखें ।
किसान भाई किसी भी समस्या/सुझाव हेतु अथवा कीट/रोग के लगने की दशा में रोगग्रस्त फसल/पौधे के फोटो के साथ विभागीय पी.सी.एस.आर.एस. नम्बर 9452247111 एवं 9452257111 पर व्हाटसएप के माध्यम से शिकायत कर सकते है । किसान भाईयों को समस्या लिखते समय अपना पूरा नाम व पता (ग्राम विकासखण्ड एवं तहसील आदि का नाम) भी अंकित करना होगा । समस्या का समाधान 48 घंटे के अन्दर कर दिया जायेगा ।
