फतेहपुर । कलेक्ट्रेट महात्मा गाँधी सभागार में 01 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 11 जुलाई से 31 जुलाई 2025 के मध्य दस्तक अभियान एवं डायरिया रोको अभियान 16 जून से 31 जुलाई 2025 को लेकर अंतर्विभागीय समन्वय समिति की द्वितीय बैठक कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
उन्होंने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान जनपद में 01 से 30 जुलाई 2025 तक संचालित किया जाएगा । उन्होंने संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए बनाए गए माइक्रोप्लान के अनुसार संबंधित विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय बनाते हुए अपने दायित्वों को जिम्मेदारी से निभाते हुए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाए ।
स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों द्वारा ब्लॉक स्तरीय बैठकों में संवेदनशील क्षेत्रों (संचारी रोगों से संबंधित रोगी मिले) के बारे में क्या–क्या कार्य किए जाने है कि जानकारी नहीं देने पर सभी स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए ।
उन्होंने कहा कि ऐसे रोग जो एक रोगग्रस्त व्यक्ति से दूसरे स्वास्थ्य व्यक्ति मे दूषित भोजन,जल के प्रयोग से तथा कीटो,जानवरो आदि के सम्पर्क मे आने से फैलते है । जिन्हे संचारी/संक्रामक रोग कहते है । यह विभिन्न रोग जनित कारको जैसे प्रोटोजोवा,कवक,जीवाणु, विषाणु इत्यादि के कारण होते है ।
मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, डायरिया आदि संचारी रोगों से जुडे़ मामलों की आशंका को देखते हुए जनपद में अन्तर्विभागीय समन्वय से युद्धस्तर पर कार्य कर अभियान को सफल बनाया जाय ।
विकास खंड स्तर के अधिकारियों का वॉट्सएप ग्रुप बना ले और उसमें माइक्रोप्लान के अनुसार किए किए गए कार्यों/गतिविधियों को वॉट्सएप ग्रुप में शेयर करें तथा मुख्य चिकित्साधिकारी सभी विभागों की सम्मिलित रिपोर्ट माइक्रोप्लान के अनुसार किए गए कार्यों /गति विधियों की बनाकर प्रतिदिन अवगत कराए । अभियान की निगरानी संवेदनशीलता के साथ की जाय । इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही/ शिथिलता क्षम्य नहीं होगी ।
उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में उपलब्ध फॉगिंग मशीन की सूची स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों को दे दे । जिला पंचायत राज अधिकारी/अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत को निर्देशों दिए कि सैनिटाइजेशन तथा फॉगिंग,एंटीलार्वा का छिड़काव,नालियों की साफ सफाई,झाड़ियों का कटान आदि का विशेष ध्यान दे ।
तालाबों,नालों व नालियों में एण्टीलार्वा का छिड़काव तथा कूड़े का निस्तारण ठीक ढंग से किया जाए । मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आशा,आंगनबाड़ी कार्यकत्री डोर-टू-डोर सर्वे कर संचारी रोगों के बारे में नागरिकों जागरूक करे साथ ही यदि कोई बच्चा बुखार आदि से ग्रसित है, तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में परामर्श व आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएं ।
उन्होंने सम्बन्धित विभागों से संचारी रोगों के नियंत्रण व रोकथाम के सम्बन्ध में किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की । साथ ही चिकित्सा,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगर विकास, पंचायतीराज, आई0सी0डी0एस0,ग्राम्य विकास,चिकित्सा शिक्षा,शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण,कृषि, पशुपालन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा अन्य सभी सबंधित विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर संचारी रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के संबंध में संवेदनशीलता से कार्य करें ।
इस अवसर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० इस्तियाक,डीपीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी,अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत,खंड विकास अधिकारी,खंड शिक्षा अधिकारी सहित सम्बंधित उपस्थित रहे ।
