फतेहपुर । जिले के जहानाबाद नगर पंचायत के अंतर्गत सुंदरपुर कस्बे में एक बुजुर्ग महिला जगरानी देवी की व्यथा ने प्रशासन को भी विचलित कर दिया है । जगरानी देवी लगभग 15 वर्षों से अकेली एक झोपड़ीनुमा कोठरी में रह रही हैं ।
उनके पति और बेटे हैं । लेकिन वे इस झोपड़ी से कुछ दूर अपने पक्के मकान में रहते हैं । बीते डेढ़ दशक से उनके अपनों ने ही उन्हें अलग कर दिया है । जगरानी देवी एक कच्ची कोठरी और छप्पर के नीचे तिरपाल डालकर बने अस्थायी घर में धूप,बारिश और भूख से लड़ती रही हैं । बुजुर्ग महिला की आंखें अब धुंधली हो गई हैं ।
उन्होंने दुख भरे स्वर में कहा, “अब आंखें भी धुंधली हो गई हैं । शायद अब रोटियां नहीं बनेंगी, बेटा ।” वृद्धा जगरानी देवी के पास न गैस है, न राशन कार्ड, न पेंशन और न ही पक्का घर । उनकी झोपड़ी एक ट्रैक्टर की टीन,पीली तिरपाल और कुछ बांसों पर टिकी हुई है ।
वृद्धा का दावा है कि उन्होंने मौजूदा ग्राम प्रधान से मदद मांगी थी । लेकिन प्रधान ने उन्हें बताया कि “आपने हमें वोट नहीं दिया था । इसलिए कॉलोनी नहीं मिलेगी ।” प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत जगरानी देवी पूर्णतः पात्र हैं । लेकिन उनका नाम अभी तक फाइलों में नहीं आया है । प्रशासन का कहना है कि वृद्धा का आवेदन अब तक उनके कार्यालय में नहीं आया है । अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी भी माध्यम से उनका आवेदन प्राप्त होता है तो तत्काल जांच कर राशन कार्ड व उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर से उन्हें लाभान्वित किया जाएगा । जगरानी देवी की कहानी सामने आने के बाद प्रशासन की आंखें भी नम हो गई हैं । लेकिन अभी तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली है ।
