बिन्दकी/फतेहपुर । क्या राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान 6 अगस्त को बरमतपुर गांव में अपने दौरे के बाद सामूहिक दुष्कर्म की शिकार मंदबुद्धि किशोरी के घर पर भी पहुंच कर मामले की तहकीकात करेगी और आवश्यक मदद पहुंचाएंगे यह सवाल जन सामान्य के बीच चर्चा का विषय है । बरमतपुर गांव में एक दलित के मकान को प्रशासन द्वारा ध्वस्त कर दिए जाने के मामले में राजनीतिक पहल के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान का 06 अगस्त को पीड़ित परिवार से मिलकर मामले की तहकीकात और आवश्यक मदद दिए जाने का प्रचार प्रसार तो खूब किया जा रहा है ।
किंतु इस घटना के बाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम फिरोजपुर में एक कारखाना में सामूहिक दुष्कर्म के शिकार हुई मंदबुद्धि बालिका के मामले में भी क्या राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष दखल देगी ।
क्योंकि यह मामला तो वास्तविक रूप से राज्य महिला आयोग का ही विषय है । जबकि दलित पीड़ित का मकान दहर दिए जाने का मामला अनुसूचित जाति जनजाति आयोग का है जब दलित पीड़ित के मामले की जांच हेतु राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जा सकती हैं तो दुष्कर्म पीड़िता बालिका के परिजनों से मिलकर उन्हें आवश्यक कानूनी मदद का भरोसा दिलाया जाना भी आवश्यक हो जाता है ।इस बात को लेकर राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चा हो रही है ।
