
– छात्र–छात्राओं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, कृषकों, स्वयं सेवी संगठनों आदि ने उ0प्र0 को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किया
– जन भागीदारी से होगा उत्तर प्रदेश का समग्र विकास
फतेहपुर । समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान कार्यक्रम का शुभारम्भ राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटी आई) फतेहपुर ऑडिटोरियम में नोडल अधिकारी व अन्य विशिष्टजनों द्वारा किया गया । इसी क्रम में विकास भवन सभागार एवं कृषि विज्ञान केन्द्र थरियांव में संवाद एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया ।
आईटीआई में शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी डॉ0 सारिका मोहन सचिव वित्त विभाग,डॉ0 वीरेन्द्र बहादुर सिंह सेवानिवृत्त आईपी एस,डॉ० हरज्ञान प्रकाश सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक,लक्ष्मीशंकर वर्तमान आईइएस जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने मां सरस्वती जी के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित किया ।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह ने शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी ,प्रबुद्धजनों को पौध, पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया । कार्यक्रम में सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा बनाई गई । लघु फिल्म विजन डॉक्यूमेंट @2047 का प्रदर्शन किया गया ।
कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य हैकि विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश का सपना केवल सरकार का नहीं हैं ।बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का साझा लक्ष्य है । सरकार की कोई भी योजना तभी सफल होती है । जब जनता उसे विश्वास और सक्रिय सहभागिता के साथ आगे बढ़ती है । विकसित उत्तर प्रदेश की परि कल्पना भी हर प्रदेशवासी के सकारात्मक सहयोग से साकार होगी ।
उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2047 बिना जन भागीदारी से संभव नहीं है । इसलिए सभी लोग इस अभियान को सफल बनाने के लिए बहुमूल्य सुझाव और अनुभव अवश्य साझा करे । जिससे कि जनपद व प्रदेश की उन्नति एवं बेहतरी के लिए सरकार अपनी नीतियां बना सके और धरातल पर उतार सके ।
प्रबुद्धजनों ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रधानमंत्री का जो विजन है कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित एवं सशक्त राष्ट्र के रूप में देखना है । इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान चलाया जा रहा है ।
शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी डॉ0 सारिका मोहन ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य है कि संवाद के माध्यम से उत्तर प्रदेश के बेहतरी के लिए क्या किया जा सकता है और प्रदेश को विकसित बनाने के लिए आप सभी क्या परिकल्पना है । इसके आधार पर कार्ययोजना बनाकर उस दिशा में हम कार्य करे और जो आप लोगों के सुझाव होंगे,उनको आगे बढ़ाया जाएगा और जिनके अच्छे सुझाव होंगे उनको प्रदेश स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा । कार्यक्रम में छात्र,छात्राओं, शिक्षकों ने शिक्षा के बेहतरी के लिए अपने–अपने सुझाव अपनी जुबानी में साझा किए और शिक्षा के माध्यम से प्रगति की दिशा को वर्णन करते हुए विस्तार से अपने बहुमूल्य अनुभव व सुझाव दिए ।
इस क्रम में विकास भवन सभागार में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व श्रमिक व स्वयं सेवी संगठनों ने प्रदेश को सशक्त व समृद्ध बनाने के संबंध में अपने अनुभव व बहुमूल्य सुझाव साझा किए ।
तत्पश्चात कृषि विज्ञान थरियांव में कृषकों के साथ विचार गोष्ठी एवं संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें कृषकों द्वारा अपने सुझाव व कृषि क्षेत्र को कैसे समृद्ध बनाया जा सकता है ।जिस पर अपने अनुभव भी अपनी जुबानी में साझा किए । साथ ही जनपद में तैयार किए गए कृषि उत्पादों का अवलोकन किया और कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जनपद कृषि क्षेत्र की समृद्धि के बारे में जानकारी ली और उनके सुझावों को भी जाना ।
जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह ने कहा कि समर्थ उत्तर प्रदेश- विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान की प्रमुख 03 थीम (अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति,जीवन शक्ति) है व 12 सेक्टर(कृषि एवं संबद्ध सेक्टर, पशुधन संरक्षण,औद्योगिक विकास, आईटी एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, पर्यटन,नगर एवं ग्राम्य विकास,अवस्थापना,संतुलित विकास, समाज कल्याण,शिक्षा,सुरक्षा एवं सुशासन) सम्मिलित है एवं इसके मिशन समग्र विकास,आर्थिक नेतृत्व,सांस्कृतिक पुनर्जागरण की परिकल्पना आधारित कार्यक्रम है ।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकसित बनाने के लिए हम उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक कैसे देखेंगे,कि परिकल्पना पर कार्ययोजना बनाकर अपना लक्ष्य निर्धारित करते हुए उस लक्ष्य की ओर अग्रसर होकर अपनी सकारात्मक भूमिका निभाना होगा,जिसमें युवा,महिलाएं, कृषि,शिक्षा,स्वास्थ्य और बेसिक बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए निरन्तर प्रगति करनी होगी तभी विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी । इसमें सभी की भागीदारी आवश्यक है ।
समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश /2047 हेतु विकसित उत्तर प्रदेश के लिये क्यूआर कोड स्कैन करें पोर्टल ओपेन कर पोर्टल पर दिये गये सुझाव फार्म के बटर पर जाये । बटन पर क्लिक कर मोबाइल नम्बर दर्ज करें, मोबाइल पर ओटीपी आऐगा । उसे पोर्टल पर भरें, एक फार्म खुल जायेगा जिसे भरना होगा । अपने सुझाव लिखकर या बोलकर दर्ज करें, सम्पूर्ण जानकारी भरने के बाद फार्म सबमिट करें । दिये गये सुझाव से सुझाव की समीक्षा कर नीतियों का निर्माण होगा । विकसित उत्तर प्रदेश 2047 का रोड मैप तैयार होगा । मूल्यवान सुझाव देने वाले सम्मानित किये जायेगें,हर नागरिक को पोर्टल पर सुझाव देने का अधिकार है । पोर्टल पर सुझाव देना आसान एवं पूर्णतः निःशुल्क है ।
इस मौके पर प्रशिक्षु आईएएस नौशीन, जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी ,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए,उपायुक्त उद्योग,डीसी एनआरएलएम,छात्र,छात्राओं ,स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ,कृषक, कृषि वैज्ञानिक सहित संबंधित उपस्थित रहे ।
