संवाद सूत्र – ओम नरायन पटेल
फतेहपुर । अमौली क्षेत्र में बिजली विभाग और ठेकेदार–कबाड़ी गठजोड़ का गंदा खेल सामने आ रहा है । सूत्रों से पता चला है कि बिजली का कीमती सामान चोरी कर कबाड़ी की दुकानों तक पहुँचाया जाता है और फिर वहां से रुपये बना कर ठेकेदार तक पहुँचाए जाते हैं । इस पूरे खेल में विभागीय कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं । जानकारी के मुताबिक यह खेल सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है । सूत्र बताते हैं कि मुख्य ठेकेदार रमन,जो मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला है । इस समय महाराष्ट्र के पुणे में बैठकर अमौली क्षेत्र का पूरा सिस्टम चला रहा है ।
चोरी का माल कबाड़ी सेठ की दुकान पर पहुँचता है और यहीं से पैसों का हिसाब-किताब होता है । स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि सेठ कबाड़ी न सिर्फ चोरी के माल का लेनदेन करता है बल्कि भोली-भाली जनता पर दबाव बनाकर उन्हें पुलिस के हवाले भी कर देता है । बाद में उन्हीं से छुड़ाने के नाम पर वसूली करता है । यही नहीं,मजदूर परिवारों को डराने–धमकाने तक का काम हो रहा है ।
एक पीड़ित परिवार ने तो यहां तक बताया कि लगातार धमकियों से उसके पिता की हालत बिगड़ गई है और वे खाना-पीना तक भूल चुके हैं ।
जनता का कहना है कि योगी सरकार भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है,लेकिन अमौली क्षेत्र में ठेकेदार और उसके साथियों के हौसले बुलंद हैं । सवाल उठता है कि आखिर बिजली विभाग के अफसर आंखें मूंदे क्यों बैठे हैं, क्या उन्हें इस पूरे खेल की जानकारी नहीं है या फिर सब मिलीभगत का हिस्सा है । अब देखना होगा कि विभागीय अधिकारी और जिला प्रशासन इस गम्भीर मामले पर कब कार्रवाई करते हैं । जनता की निगाहें अब सीधे सरकार और प्रशासन पर टिकी हुई हैं ।
