कर्नाटक । राज्य सरकार ने अवैध रूप से वोटरों के नाम हटाने की शिकायत की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई है । यह जांच सिर्फ़ आलंद विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि पूरे राज्य में होगी ।
सरकार के आदेश में एडीजीपी बीके सिंह को एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है । बीके सिंह इससे पहले गौरी लंकेश हत्या मामला और प्रज्वल रेवन्ना बलात्कार मामले को देख चुके हैं ।
टीम को पूरे राज्य में वोटर हटाने के सभी मामलों की जांच करने को कहा गया है । आदेश में यह भी कहा गया है कि एसआईटी को इंडियन सिविल सिक्योरिटी कोड की धारा 2 (यू) के तहत पुलिस स्टेशन का दर्जा दिया गया है ।
यह आदेश तब आया है । जब कुछ दिन पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बताया था कि चुनाव आयोग ने सीआईडी के पत्रों का जवाब नहीं दिया है ।
आलंद के चुनाव रिटर्निंग ऑफ़िसर की ओर से पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाने के बाद सीआईडी ने डेस्टिनेशन आईपी एड्रेस और डेस्टिनेशन पोर्ट्स मांगे थे ।
एसआईटी में सीआईडी के आईपीएस अधिकारी सईदुलु अदावत और शुभावित को भी शामिल किया गया है ।
