सुप्रीम कोर्ट में एयर इंडिया विमान हादसे की स्वतंत्र जांच की मांग वाली एक जनहित याचिका की सुनवाई हुई (फ़ाइल फ़ोटो) ।
नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहमदाबाद विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट के लीक होने पर चिंता जताई है । इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद मीडिया में ऐसे नैरेटिव बनाए गए थे कि यह हादसा पायलट की ग़लती की वजह से हुआ ।
लाइव लॉ के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक तौर पर टिप्पणी की है कि शुरुआती जांच रिपोर्ट का सिलेक्टिव और टुकड़ों में प्रकाशन ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ था । कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी होने तक गोपनीयता बनाए रखना ज़रूरी है ।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच एयर इंडिया विमान हादसे की कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग वाली एक जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी इस दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि इस तरह से जानकारी को समय से पहले जारी करना उचित नहीं है ।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पैरवी की । उन्होंने कोर्ट को बताया कि पायलटों और पीड़ितों के परिवारों ने उनसे संपर्क किया शुरुआती रिपोर्ट में जो जानकारी दी गई, इन्होंने उस पर चिंता जताई ।
इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था । ”
उन्होंने कहा, “जानकारी को टुकड़ों में लीक करने के बजाय, जांच के तार्किक तौर पर निष्कर्ष तक पहुंचने तक गोपनीयता बनाए रखनी चाहिए थी ।”
दरअसल, शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि विमान के क्रैश होने से पहले एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि उन्होंने ‘फ़्यूल स्विच क्यों बंद कर दिया’।
जून महीने में अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान टेकऑफ़ के तुरंत बाद क्रैश हो गया था । इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी ।
