बिन्दकी/फतेहपुर । आज मंगलवार को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित “सप्त शक्ति संगम” कार्यक्रम सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज लंका रोड बिन्दकी में भव्य रूप से कार्यक्रम संपन्न हुआ । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रेखा चूड़ा समा अखिल भारतीय बालिका शिक्षा संयोजिका,विशिष्ट अतिथि डॉ० प्रियंका श्रीवास्तव प्रांत संयोजिका सप्त शक्ति संगम एवं प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आनंदपुरी कानपुर, नगर पालिका परिषद बिन्दकी की अध्यक्षा राधा साहू तथा कार्यक्रम संयोजिका अलखनंदा पांडे के द्वारा दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम की संयोजिका अलख नंदा के द्वारा मंच में उपस्थित अतिथियों का परिचय एवं सम्मान कराया गया । वही आए हुए अतिथियों को प्रतीक चिन्ह श्रीफल एवं अंग वस्त्र प्रदान कर विद्यालय में स्वागत किया गया ।
इसके अलावा कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉ० प्रियंका श्रीवास्तव ने बताया कि सप्त शक्ति संगम का सार्थक अर्थ बताया गया । उन्होंने विश्व कल्याण की बात करते हुए कहा कि सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम का नाम इसलिए रखा गया । क्योंकि नारी सात शक्तियों का संगम है । उन्होंने बताया कि घर की महिला को गृह लक्ष्मी कहा जाता है । क्योंकि वह हर परिस्थिति को संभालने में सक्षम है । उन्होंने कहा नारी में परमेश्वर का वास होता है । नारी में क्षमा का गुण होता है । साथ ही उन्होंने कहा की यत्र नार्यस्त पूजन्ते रमंते तत्र देवता अर्थात आई हुई माता को पूजन योग बताया । उन्होंने कहा नारी परिवार की धुरी है । नारी परिवार के माध्यम से समाज, समाज के माध्यम से राष्ट्र और राष्ट्र के माध्यम से विश्व का विकास कर सकती है । इसके बाद विद्यालय की छात्रा राशि यशी के द्वारा समूह गीत “हम ही मातृशक्ति हैं” प्रस्तुत किया गया ।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेखा चूड़ासमा ने अपने उद्बोधन में आई हुई महिलाओं का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा प्राप्त करने के तीन केंद्र हैं । घर,विद्यालय और मठ ।
उन्होंने कहा कि परिवार की महिला अपने बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देती है । बालक की जीवन शैली में सुधार लाने के लिए माता की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला । मातृभाषा बोलने का ढंग, बालक का सही पोषण, परिवार से बालक सीखता है परिवार का कर्तव्य है कि बच्चा सद्गुणों से संपन्न हो । उन्होंने माताओं से निवेदन किया कि अपने बच्चों को गुणवान बनाएं तथा बच्चों को पूजा के महत्व के बारे में बताएं उन्हें सात्विक भोजन दिलाने की बात की माताओं से आग्रह किया कि टीनएजर बच्चों की खाने-पीने पर विशेष ध्यान देना चाहिए । उन्होंने जंक फूड से होने वाले नुकसानों से अवगत कराया । उन्होंने कहा कि जैसा खाए अन्न वैसा बने मन, साथ ही उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण मुक्त करने में महिलाओं की भूमिका पर भी चर्चा की उन्होंने कहा कि महिलाओं का कर्तव्य है कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों को बनाए रखें ।

वही शिशु वाटिका के बच्चों द्वारा “मैं बेटी हिंदुस्तान” की कार्यक्रम की सुंदर प्रस्तुति की गई ।
इसके बाद प्रश्नोत्तरी का आयोजन विद्यालय की हिंदी विषय की अध्यापिका शक्ति के द्वारा किया गया आई हुई महिलाओं से विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए सही जवाब देने वाली महिलाओं को सम्मान देकर उत्साहवर्धन किया गया ।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में विद्यालय की छात्राओं के द्वारा प्रेरणादाई महिलाओं के संदेशों की प्रस्तुति की गई । जिसमें वीरांगना लक्ष्मीबाई ,रानी झलकारी बाई, जीजाबाई, ताराबाई, दुर्गावती, रानी चेन्नम्मा, अहिल्याबाई होल्कर,भगिनी निवेदिता,सावित्रीबाई फुले,रानी अवंतीबाई ,रानी कर्णावती का रूप प्रस्तुत किया गया ।
कार्यक्रम में विशिष्ट माताओ का सम्मान भी किया गया । जिसमें बलदानी शुभम सिंह गौतम की माता मनफूल सिंह, बलदानी शिव प्रकाश यादव की पत्नी सुमित्रा देवी तथा समाज सेविका गार्गी को मंच पर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम में अनुभव कथन अभिभाविका शशि सोनी द्वारा व्यक्त किया गया । उन्होंने कहा कि इस प्रकार सप्त शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं का एकत्रीकरण हर्ष का विषय है ।
इस मौके पर अपने उद्बोधन में नगर पालिका परिषद की अध्यक्षा राधा साहू ने कहा कि सप्तशती संगम कार्यक्रम महिलाओं के लिए प्रेरणादाई है । इस कार्यक्रम में आई हुई सभी महिलाओं को उन्होंने धन्यवाद दिया ।
विद्यालय की अध्यापिका श्वेता के द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया । इस कार्यक्रम की संयोजिका अलखनंदा ने कार्यक्रम का समापन करते हुए अतिथियों का आभार ज्ञापन किया । अंत में कार्यक्रम की संचालिका दीपिका के द्वारा सभी महिलाओं को संकल्प दिलाया गया ।
इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक अयोध्या प्रसाद,विद्यालय के प्रधानाचार्य बलराम सिंह व समस्त अध्यापक-अध्यापिकाओ के अलावा लगभग 500 मात्र शक्तियों उपस्थिति रही ।
