– भाजपा नेताओं ने डिप्टी सीएम का स्वागत एवं सीएचसी को संयुक्त चिकित्सालय में परिवर्तित करने की किया मांग
बिन्दकी/फतेहपुर । सोमवार को अचानक डिप्टी सीएम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए तो हड़कंप मच गया । हालांकि डिप्टी सीएम के आने की चर्चा को लेकर पहले से कुछ तैयारी की गई थी । डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मरीज से बातचीत किया और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्लीज इसके अलावा इलाज के बारे में भी पूछा ।
सोमवार को दिन में करीब 2 बजे उत्तरप्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक लंबे काफिले के साथ जनपद की सीमा छिवली नदी पार करते हुए बिन्दकी कस्बा पहुंचे ।
दिन की कस्बे में उनका जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजेंद्र सिंह पटेल,बिन्दकी क्षेत्र के विधायक जय कुमार सिंह जैकी,भाजपा जिला अध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव,भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मधुराज विश्वकर्मा सहित भारी संख्या में मौजूद लोगों ने डिप्टी सीएम का स्वागत किया इसके अलावा औंग,चौडगरा ,बिन्दकी सहित विभिन्न स्थानों पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का फूल मालाओं से लादकर स्वागत किया गया ।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया । उन्होंने मरीजों से बातचीत किया और स्वास्थ् तथा इलाज के बारे में जानकारी ली ।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने एक महिला को देखा तो उसके बारे में जानकारी पूछी जिसमें बताया गया कि महिला मानसिक रूप से अवस्त्रशस्त है । जिसके चलते डिप्टी सीएम ने उसका इलाज करने के निर्देश दिए यह भी कहा कि उसे प्रतिदिन भोजन अस्पताल से दिया जाए और कपड़े का भी इंतजाम किया जाए ।
इस मौके पर भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अतुल द्विवेदी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की को संयुक्त चिकित्सालय के रूप में परिवर्तित करने की मांग की ताकि मरीजों को अधिक सुविधाएं मिल सके चिकित्सक बढ़ सके और मरीजों को अधिक लाभ मिल सके ।
वही सर्व समाज विकास समिति के धर्मेंद्र मिश्रा तथा सात्विक शुक्ला ने डिप्टी सीएम से मांग किया कि राजकीय होमियो चिकित्सालय एक छोटे से कमरे में संचालित है । जिसके चलते लोगों को समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है । ऐसी स्थिति में होम्योपैथिक चिकित्सालय का स्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बनाया जाए ।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखी जाए । किसी प्रकार की कोई परेशानी ना आने पाए ।
