नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण और परिसीमन पर तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान लोकसभा को संबोधित किया ।
इसके बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के संबोधन पर प्रतिक्रिया दी ।
उन्होंने लिखा “असामान्य रूप से,प्रधानमंत्री ने आज लोकसभा में केवल 40 मिनट का भाषण दिया । सामान्य रूप से उन्होंने उन सभी मुद्दों पर बात की । सिवाय उस मुख्य मुद्दे के जो संसद के विशेष सत्र में वास्तव में दांव पर है और वो है परिसीमन । उन्होंने इस पर उठाई गई एक भी चिंता का जवाब नहीं दिया ।”
उन्होंने आगे लिखा “प्रधानमंत्री ने बार-बार दो दलीय सहयोग (बाइपार्टीजनशिप) और इन विधेयकों के सर्वसम्मति से पारित होने की अपील की । दुर्भाग्य से उनकी सरकार ने दो दलीय विश्वास को प्रेरित करने के बजाय इसके विपरीत ही किया है । प्रधानमंत्री ने दावा किया कि सरकार ने इस मुद्दे पर हर दल से बातचीत की है ।”
उन्होंने कहा “सच्चाई यह है कि उन्होंने विपक्ष के नेता द्वारा 29अप्रैल को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान समाप्त होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने की बार-बार की गई मांग को खारिज कर दिया है ।”
जयराम रमेश ने कहा “सरकार ने न तो औपचारिक रूप से और न ही अनौपचारिक रूप से किसी भी राज्य सरकार से परामर्श किया है । जबकि वह लोकसभा और विधानसभाओं दोनों स्तरों पर परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है सरकार ने कानून में लिखित रूप से यह बताने से भी इनकार किया है कि परिसीमन कैसे किया जाएगा और इसके बजाय ऐसे विधेयक पेश किए हैं जो लोकसभा की संरचना को बड़े पैमाने पर बदलने का खतरा पैदा करते हैं ।”
