~ अध्यक्ष (2019) और महामंत्री (2015) में रहते हुए ज्ञानेन्द्र सिंह गौतम ने ग्राम न्यायालय और अधिवक्ता भवन की रखी थी नींव
~ दो बार चुनाव लड़े और जीते,अधिवक्ता हित पर परिवर्तन के लिए अध्यक्ष पद फिर दावेदारी पेश की है ज्ञानेन्द्र सिंह गौतम ने,नामांकन दाखिल करने में जुटी वरिष्ठ अधिवक्ताओं की भीड़
महत्वपूर्ण तथ्य –
✓ ज्ञानेन्द्र सिंह गौतम दो बार चुनाव लड़े और जीते ।
✓ 2015 में महामंत्री पद पर चुनाव लड़े और जीत हासिल किया ।
✓ 2019 में अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़े और जीत हासिल हुई ।
✓ इस बार 2026- 27 के चुनाव में अध्यक्ष पद पर गर्मजोशी के साथ चुनाव लड़ रहे हैं ।
✓ इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिवक्ताओं के बीच इनका सम्मान और उदारता बहुत है । जिस कारण कैसी भी चुनौती हो अधिवक्ता साथी हमेशा साथ खड़े रहते हैं और जीत की बुनियाद पर ले जाते हैं ।
✓ अधिवक्ता पेशे में ज्ञानेन्द्र सिंह गौतम को 34 वर्षों अनुभव है ।
बिन्दकी/फतेहपुर । जनपद फतेहपुर की तहसील बिन्दकी में हर साल की तरह इस साल भी अधिवक्ता संघ चुनाव का आगाज हो चुका है । इस बार भी तय समय में चुनाव कराए जा रहे हैं । इस बार अध्यक्ष व महामंत्री पद पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा । 2026- 27 के इस चुनाव में एक अलग ही माहौल देखने को मिलेगा ।
इस बार अध्यक्ष पद और महामंत्री पद पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा । अध्यक्ष पद पर ज्ञानेन्द्र सिंह गौतम,कल्याण सिंह यादव व पूर्व महामंत्री रहे रामनारायण अग्निहोत्री चुनावी मैदान में हैं ।
वहीं महामंत्री पद पर प्रतिभा देवी, अशोक मिश्र व शीतेश तिवारी (गोल्डी) चुनाव मैदान में हैं एक बहुत ही अचंभित की बात है कि त्रिकोणीय मुकाबला है और अध्यक्ष और महामंत्री पद के चुनाव में एक एक प्रत्याशी कहीं न कहीं समीकरण को धराशाई करने के उद्देश्य से चुनावी मैदान में उतारा गया हैं लेकिन अब तो ये कहानी का आखिरी दौर 26 मई को ही मालूम होगा । मतदान और परिणाम की समय सीमा निश्चित समय पर निर्धारित है । बहुत ही काटें कि टक्कर होगी जो रोमांच से भरा हुआ होगा ।
आइए जानते हैं किसान परिवार में पले बढ़े अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ज्ञानेन्द्र सिंह गौतम के बारे में ……….
अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार ज्ञानेन्द्र सिंह गौतम ने नामांकन दाखिल कर प्रतिद्वादियों को दिखाया दमखम । दूसरी बार अध्यक्ष पद पर चुनावी मैदान में खड़े हैं । एक बार 2019 में लड़े थे और जीते थे ।इस बार भी जैसे ही अचानक से इनकी दावेदारी दिखी तो प्रतिद्वंदियों में हड़कम मच गया । कई प्रत्याशी समीकरण बनाने शुरू कर दिए हैं । लेकिन समीकरण कहीं न कहीं फीका नजर आ रहा है ।
ज्ञानेन्द्र सिंह गौतम के बारे में जाने तो वह बिन्दकी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम मौहर के रहने वाले हैं और इनके पिता स्व० इंद्रपाल सिंह गौतम थे जो पेशे से साधारण किसान थे । बड़े ही सज्जन और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे । ग्रामीण पृष्ठभूमि पर काफी प्रतिष्ठित व्यक्ति थे । पिता की मृत्यु के बाद बेटे ज्ञानेन्द्र सिंह के पास बड़ी जिम्मेदारियो का दायित्व आ गया । पारिवारिक जटिलता और समस्याएं उस जमाने में बहुत ही लेकिन परिस्थिति और संघर्ष में रहते हुए इंसान काबिल बन जाता है । हौसला है तो सब कुछ हासिल हो सकता है । वहीं किया परिश्रम नहीं छोड़ा । इनकी प्रारम्भिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय मौहर से हुई, फिर हाइस्कूल और इण्टर गवर्नमेंट इण्टर कॉलेज फतेहपुर से किया । स्नातक पीपीएन महाविद्यालय कानपुर और एलएलबी कानपुर यूनिवर्सिटी से किया । उसके बाद तहसील बिन्दकी में 1992 से वकालत शुरू कर दिया । सामाजिक और व्यावहारिक होने के कारण लोग जुड़ते रहे बेहतर कार्यशैली को देखते हुए वरिष्ठों ने इन्हें अधिवक्ता संघ बिन्दकी में चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया तो 2015 में महामंत्री पद पर चुनाव लड़े और बड़े अंतर से जीत हासिल किया अपने महामंत्री कार्यकाल में अधिवक्ताओं के कल्याण में कई बड़े काम किए उसमें से “अधिवक्ता संघ के भवन” की नींव रखी । बेहतर कार्यशैली के चलते 2019 में अध्यक्ष पद चुनाव लड़े और जीत हासिल की अध्यक्षी कार्यकाल में बड़ी लड़ाई करते हुए “ग्राम न्यायालय” की स्थापना में बहुत बड़ा योगदान रहा । जो अभी तक किसी में देखने को नहीं मिली है ।
खास बात यह रही कि अधिवक्ताओं में इनका व्यक्तिव बड़ा ही उदार है इनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं इस बार जब मालूम हुआ तो अधिवक्ता बहुत ही उत्सुक हैं कि फिर कोई नया काम होगा अधिवक्ता हित में, दो बार चुनाव लड़े और दोनों बार प्रतिद्वंदियों को परास्त कर जीत हासिल की और इस बार 2026 में भी अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि जो भी अधिवक्ताओं की मूल भूत समस्या होगी उसका सरलतापूर्वक निष्कर्ष कराने का काम किया जाएगा । नव युवक की हर समस्या का निदान कराने का काम करेंगे । सभी अधिवक्ताओं के मान सम्मान व प्रतिष्ठा को बचाने के लिए मेरा शरीर उनके साथ हमेशा खड़ा रहेगा ।
