महत्वपूर्ण तथ्य –
– मंगलवार 26 मई को मतदान और हार जीत का निष्कर्ष
– अधिवक्ता सुरक्षा कानून,कल्याणकारी योजनाएं, पारदर्शिता व सुलभता प्रथम प्राथमिकता- अध्यक्ष पद प्रत्याशी कल्याण सिंह यादव
– प्रत्याशी कल्याण सिंह यादव दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे जिनका एक पैर फ्रैक्चर हो गया है ।
– तब भी हार नहीं मानी क्योंकि इनके साथ समस्त सम्मानित अधिवक्ताओं की संवेदनाएं और साथ मिला ।
– 2025 के चुनाव पर अध्यक्ष पद पर थे और दूसरे नम्बर पर थे ।
बिन्दकी/फतेहपुर । बार एसोसिएशन बिन्दकी में 26 मई यानी कि आज अध्यक्ष पद,महामंत्री पद, कोषाध्यक्ष पद और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर चुनाव है । कल सुबह से सारे प्रत्याशी चुनाव सभागार के बाहर होगे । जहां वोटिंग होनी है । बिन्दकी में 242 मतदाता हैं ।जो अपना विश्वास मतदान करेंगे । एक दूसरे प्रतिद्वंदियों में घमासान मुकाबला होगा । किसके भाग्य में क्या है वो भी शाम तक मालूम हो जाएगा ।
अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी कल्याण सिंह यादव, रामनारायण अग्निहोत्री और ज्ञानेंद्र सिंह गौतम तो महामंत्री पद में दो प्रत्याशी में पहली बार बिन्दकी बार एसोसिएशन के चुनाव में महिला प्रत्याशी प्रतिभा देवी चुनावी मैदान में हैं । इनके प्रतिद्वंद्वी अशोक कुमार मिश्र चुनाव लड़ रहे हैं । अब यह देखना है कि किन किन को विजई का तिलक लगेगा वो शाम लगभग 6 बजे तक मालूम चल जाएगा ।
जहां तक कि संवाददाता द्वारा चुनावी रण की कवरेज में थे तो अध्यक्ष पद प्रत्याशी कल्याण सिंह यादव से बातचीत हुई तो उन्होंने कहा समस्त सम्मानित अधिवक्ताओं की संवेदनाएं और उनका साथ ही मेरे दर्द को समस्त कर दिया है किस तरह से दर्द से कहराते हुए भीषण गर्मी में चेंबर टू चेंबर अधिवक्ताओं से मिल रहे हैं । लेकिन अधिवक्ताओं के साथ की वजह से दर्द को दूर करके चुनावी रण में उतरा हूं । बहुत से कार्य है,कई योजनाएं भी हैं जो हमारे अधिवक्ता साथी तक नहीं पहुंच पाती है । उस पर सबसे पहले ध्यान दिया जाएगा ।
इसके अलावा अधिवक्ता सुरक्षा कानून- वकीलों की सुरक्षा, उनके सम्मान की रक्षा और चैंबर्स के बुनियादी ढांचे जैसे बैठने की जगह ,पानी में सुधार का वादा करें । कल्याणकारी योजनाएं : युवा वकीलों के लिए स्टाइपेंड,लाइब्रेरी को आधुनिक बनाने और चिकित्सा /बीमा संबंधी सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा पारदर्शिता और सुलभता : बार एसोसिएशन के फंड का सही उपयोग करने और अधिकारियों तक वकीलों की सीधी पहुंच का आश्वासन है ।
“सम्मानित अधिवक्ता साथियों, मेरा उद्देश्य केवल पद पाना नहीं,बल्कि अधिवक्ता हित के लिए सदैव तत्पर रहना है । मुझे सेवा का अवसर अवश्य दें ।”
“आपके मान-सम्मान और बार की गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए मैं आपके विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास पूर्ण रूप से करूंगा ।”
