नई दिल्ली : लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है । अदालत ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी करते हुए उसके उपाध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है । साथ ही, हादसे की जांच कर रही एसआईटी से सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट भी तलब की गई है ।
शीर्ष अदालत ने मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करने का भी निर्देश दिया है । इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत न केवल लखनऊ बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में संचालित अवैध कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा, भवन मानकों और नियामकीय व्यवस्था पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी या निर्देश दे सकती है ।
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है । शीर्ष अदालत ने अवैध व्यावसायिक गति विधियों पर अपने पुराने आदेशों के उल्लंघन को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को अवमानना (Contempt of Court) का नोटिस जारी किया है । अदालत ने LDA के उपाध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है और हादसे की जांच कर रही SIT से सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट भी तलब की है ।
लखनऊ का वह अग्निकांड जिसने कई सवाल खड़े किए थे । अब उसकी गूंज देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच चुकी है ।
सुप्रीमकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) का नोटिस जारी किया है ।
मामला सिर्फ एक हादसे का नहीं बल्कि अदालत के आदेशों के कथित उल्लंघन का भी है । सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि पहले ही निर्देश दिया था कि आवासीय इलाकों में अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और भवनों के दुरुपयोग की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए । लेकिन लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इन निर्देशों का समुचित पालन नहीं किया अब अदालत ने अवमानना की कार्रवाई शुरू की है ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने LDA के उपाध्यक्ष को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है यानी अब विभाग के शीर्ष अधिकारी को अदालत के सामने जवाब देना होगा ।
सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे अग्निकांड की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को भी निर्देश दिया है कि वह अपनी पूरी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे (Sealed Cover) में अदालत के समक्ष पेश करे लखनऊ के इस कोचिंग अग्निकांड ने पहले ही सुरक्षा मानकों, अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए थे ।
अब सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एसआईटी की रिपोर्ट में क्या सामने आता है और LDA अदालत के सवालों का क्या जवाब देता है । फिलहाल मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी है और आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों तथा एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर तय होगी ।
