सुल्तानपुर । जिले में कृषि योग्य भूमि पर अवैध और अनियंत्रित प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी । विनियमित क्षेत्र प्रशासन ने स्पष्ट किया हैकि कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक प्लाट में बदलकर बेचने से पहले संबंधित भूमि का ले-आउट (Layout) विनियमित क्षेत्र से स्वीकृत कराना और आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा ।
विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता उमेश चंद्र ने बताया कि बिना अनुमति कृषि भूमि पर प्लाटिंग करने वालों के विरुद्ध विनियमित क्षेत्र के नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी । ऐसे मामलों की जांच कर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा और संतोष जनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ।
बताया जा रहा है कि शहर से बाहर विनियमित क्षेत्र की सीमा में कृषि भूमि को कम कीमत पर खरीदकर उसे छोटे-छोटे आवासीय प्लाटों में विभाजित कर ऊंचे दामों पर बेचने का कारोबार लंबे समय से बड़े पैमाने पर चल रहा है । इसके चलते पिछले कुछ वर्षों में उपजाऊ कृषि भूमि पर तेजी से बहुमंजिला इमारतें और आवासीय कॉलोनियां विकसित हुई हैं ।
प्रशासन का मानना है कि प्रॉपर्टी डीलरों की मनमानी से एक ओर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है म वहीं दूसरी ओर बिना स्वीकृत प्लाट खरीदने वाले लोगों को सड़क ,नाली ,बिजली, पानी तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ कानूनी विवादों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है ।
विनियमित क्षेत्र प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी प्लाट की खरीद-फरोख्त से पहले उसकी वैधता, ले-आउट स्वीकृति और आवश्यक अनुमतियों की जांच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े ।
