सुलतानपुर । जनपद ने चिकित्सा जगत का एक अनमोल सितारा खो दिया है । सुप्रसिद्ध फिजिशियन एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. के. सी. त्रिपाठी के असामयिक निधन से पूरे जिले में शोक छा गया है । उनके जाने से सिर्फ एक डॉक्टर नहीं गया, बल्कि हजारों मरीजों का मसीहा, गरीबों का सहारा और आधुनिक चिकित्सा का स्वप्नदृष्टा चला गया ।
डॉ. त्रिपाठी ने चिकित्सा को कभी व्यवसाय नहीं माना,उसे जनसेवा का पवित्र माध्यम बनाया । करीब 20 वर्ष पहले जब सुलतानपुर में गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर की कल्पना भी कठिन थी । तब उन्होंने साहस दिखाकर यह सुविधा आस्था हॉस्पिटल में उपलब्ध कराई । सर्पदंश से जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे सैकड़ों मरीजों को इस सुविधा से नया जीवन मिला ।
उनकी दूरदर्शिता यहीं नहीं रुकी। अयोध्या मंडल में आयुष्मान योजना के अंतर्गत एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधा शुरू करने वाले शुरुआती संस्थानों में आस्था हॉस्पिटल का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हुआ । पहले हृदय रोगियों को लखनऊ दौड़ना पड़ता था, कई रास्ते में ही दम तोड़ देते थे । डॉ. त्रिपाठी ने यह जीवनरक्षक सुविधा सुलतानपुर में ही उपलब्ध कराकर अनगिनत घरों के चिराग बुझने से बचा लिए ।
आज आस्था हॉस्पिटल अत्याधुनिक आईसीयू,वेंटिलेटर,इको,टीएमटी, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पैथोलॉजी और 24 घंटे आपातकालीन सेवा से सुसज्जित है । यह सब उनकी कड़ी मेहनत और जनपद के प्रति प्रेम का प्रतीक है ।
35 वर्षों से उनके साथ जुड़े विजय पाण्डेय कहते हैं,उनका व्यक्तित्व सहज, सरल और सेवाभाव से भरा था । युवा हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन सिंह ने भावुक होकर कहा, मैंने 55 वर्ष के जीवन में इतना प्रतिभावान चिकित्सक नहीं देखा,जिसने इस उम्र में भी जटिल हृदय प्रक्रियाओं में महारत हासिल की हो ।
उनका जाना एक युग का अंत है। वह शरीर से भले ही हमारे बीच न हों, लेकिन आस्था हॉस्पिटल की हर धड़कन में और हर स्वस्थ हुए मरीज की मुस्कान में डॉ. के.सी. त्रिपाठी हमेशा जीवित रहेंगे ।
ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें ।
ॐ शांति 🙏
