बिन्दकी/फतेहपुर : सुरों की बेताज मलिका भारत रत्न लता मंगेशकर को आज अधिवक्ता संघ बिंदकी ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए 2 मिनट का मौन रखा और न्यायालयीय कार्यो से विरत रहे ।
इस मौके पर बोलते हुए मॉडल बार एसोसिएशन बिन्दकी के अध्यक्ष सुरेश सिंह चौहान ने कहा की लता मंगेशकर भारत की अनमोल धरोहर थी ।

उन्होंने अपनी स्वर साधना और कठिन परिश्रम के साथ यह मुकाम हासिल किया उन्हें तमाम उपाधियों से विभूषित किया गया और अंततः भारत रत्न से भी उन्हें नवाजा गया ।
वह लगभग 75 वर्षों तक अपने गायन से भारत वासियों को आनंदित करती रही और तमाम प्रेरणा भी देती रही ऐसी शख्सियत का जाना एक राष्ट्रीय क्षति है । इसी क्रम में सचिव राम नारायण अग्निहोत्री ने कहा कि उन्होंने देश भक्ति के गीतों के साथ ही भक्ति गीतों का भी ऐसा गायन किया है । जो सदियों तक गूंजता रहेगा ।
उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था में ही पिता के निधन के बाद परिवार के पोषण की महाथी जिम्मेदारी उन पर आ गई । जिसे उन्होंने तमाम संघर्षों से बखूबी निभाया अपने रंगमंच के कलाकार पिता दीनानाथ मंगेशकर की प्रेरणा से उन्होंने इस क्षेत्र में जो कदम रखा वह 90 वर्ष की उम्र तक निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होता रहा । उनका एक गीत हमेशा सार्थक रहेगा कि तुम मुझे यूं भुला न पाओगे जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे संग संग तुम भी गुनगुनाओगे ।
श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से खेम चंद्र वर्मा, कैलाश चंद्र वर्मा, लक्ष्मी शंकर वर्मा, राजेंद्र सिंह, अरुण द्विवेदी, आनंद शंकर वर्मा, रमेश चंद गुप्ता, सूर्यपाल यादव, गिरजा शंकर वर्मा, राजेश द्विवेदी अखिलेश शुक्ला संजय पुरी नवाब हुसैन शिवकुमार त्रिपाठी प्रमोद सिंह राठौर सुनील शुक्ला पुष्पेंद्र सिंह यादव,लोकेंद्र पाल आदि लगभग एक सैकड़ा अधिवक्ता उपस्थित रहे ।
