फतेहपुर : स्टाफ नर्स द्वारा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पर लगाए गए आरोपो पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किए जाने का आदेश पारित किया है । न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि यदि आरोप गलत हो तो वादी के खिलाफ 182 की कार्यवाही की जाए ।
खागा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनाती के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजीव कुमार जायसवाल पर वही तैनात स्टाफ नर्स आकांक्षा सिंह ने आरोप लगाया था कि वह गर्भवती महिला मरीजों से प्रति महिला ₹500 वसूली करें और 70 फीसदी उसमें उनका हिस्सा दे । वसूली करने से मना करने पर डाक्टर राजीव कुमार जायसवाल स्टाफ नर्स आकांक्षा सिंह सहित स्टाफ नर्स पूनम सिंह,विभा सिंह,व सरिता देवी को नौकरी से निकलवाने ,जिंदगी बर्बाद कर देंने की धमकी देते हैं । इतना ही नहीं उनके साथ अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया था । जिसको लेकर उक्त नर्सों द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सहित जिलाधिकारी ,मुख्य चिकित्साधिकारी,महानिदेशक स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश व अपर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को एक शिकायती पत्र दिया गया था । जिस पर कोई कार्रवाई न होने पर अंततः स्टाफ नर्स आकांक्षा सिंह ने बजरिए वकील 156/3 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फतेहपुर के न्यायालय में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी । दाखिल वाद में विद्वान अधिवक्ता द्वारा पेश आरोपों को गम्भीर बताते हुए क्षेत्रीय थाना पुलिस को डाक्टर राजीव कुमार जायसवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश पारित किया है । न्यायालय ने आदेश में यह भी कहा है कि अगर आरोप गलत हो तो वादी के खिलाफ दफा 182 की कार्रवाई करें । इसी प्रकरण को महिला आयोग ने भी गम्भीरता से लिया है और अपनी कार्यवाही शुरू कर दिया ।
