केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को बीजेपी के ही सांसद राकेश सिन्हा की ओर से जनसंख्या नियंत्रण पर बढ़ाए गए निजी बिल को न कह दिया ।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने “बल (जबरन)” के इस्तेमाल के बजाय जनसंख्या नियंत्रण के लिए जागरूकता और स्वास्थ्य अभियानों का सफलतापूर्वक उपयोग किया है ।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री के दखल के बाद राकेश सिन्हा को अपने विधेयक को वापस लेना पड़ा ।
इस विधायक में दो बच्चों वाले नियम को लागू करने की मांग की गई थी । साथ ही इसका उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की भी मांग की गई थी ।
स्वास्थ्य मंत्री ने विधेयक को लेकर कहा कि ये सही है कि बढ़ती जनसंख्या कई समस्याओं की वजह होती है । लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि शिक्षा तथा जागरूकता के प्रसार से जनसंख्या नियंत्रण के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा ।
उन्होंने कहा कि देश में प्रजनन दर 2 फ़ीसदी तक पहुंच गई है और साल 2025 तक इसे और कम करने की ओर देश बढ़ रहा है ।
मंत्री ने कहा, “ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे जनता खुद परिवार नियोजन को अपनाए । इसके लिए कानून ज़रूरी नहीं है ।”
