सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वो “ऑनर किलिंग” के मामले को हल्के में नहीं ले सकती । शीर्ष न्यायालय ने इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से एक महिला की याचिका पर जवाब मांगा है । महिला ने अपने रिश्तेदार की बेल को रद्द करने के लिए याचिका दायर की है ।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, महिला का दावा है कि बीते साल दूसरी जाति में शादी करने के बाद अभियुक्त ने उनके पति को मारने की साज़िश रची थी ।
राज्य सरकार और अन्य को इस मामले में नोटिस जारी करने से पहले जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और सूर्य कांत ने याचिकाकर्ता दीप्ति मिश्रा की वकील से भी कड़े सवाल किए ।
याचिकाकर्ता के पति की बीते साल कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी ।
पीठ ने ये माना कि मामले की एफ़आईआर में याचिकाकर्ता महिला के रिश्तेदार के ख़िलाफ़ कोई स्पष्ट आरोप नहीं है । इसमें बस ये ज़िक्र है कि उन्होंने शादी का विरोध किया था ।
वकील ने कोर्ट में कहा कि दीप्ति मिश्रा के रिश्तेदार और उनके दो बेटे हत्या में शामिल थे और इससे पहले भी कई बार विवाद हुआ था, जिसको लेकर पीड़ित ने पुलिस में शिकायतें भी दर्ज की थीं ।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “ये ऑनर किलिंग का मामला है और हम इसे हल्के में नहीं लेते ।” बीते साल 17 दिसंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दीप्ति मिश्रा के चाचा मणिकांत मिश्रा को मामले में ज़मानत दे दी थी ।
एफ़आईआर के मुताबिक़, 24 जुलाई 2021 को याचिकाकर्ता के पति अनीष कुमार की दिनदहाड़े हत्या की गई थी । दीप्ति मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा था कि वो सवर्ण हैं और उन्होंने पिछड़ी जाति के अनीष से शादी की थी । इसी वजह से उनके रिश्तेदारों ने अनीष की हत्या कर दी और ये मामला “ऑनर किलिंग” का है ।
