कानपुर । हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर जीनियस प्रेस एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश खरे प्रदेश प्रभारी डा० के०एम०त्रिपाठी वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल गुप्ता उपाध्यक्ष अनुपम कुमार शुक्ला प्रदेश महामंत्री कुलदीप सक्सेना प्रदेश सचिव सुरेश चौरसिया कीर्ति कुमार शुक्ला मुकेश दीक्षित रवीन्द्र त्रिपाठी प्रदेश संगठन मंत्री आशीष मिश्रा विधि सलाहकार पद्म चन्द्र गुप्ता मण्डल अध्यक्ष पी०एन०शर्मा किशन चन्द्र मेहरोत्रा रमेश कुमार शर्मा दिनेश कुमार अग्रवाल सदस्यगण राकेश दुबे प्रदीप नागर व जय प्रकाश तिवारी ने देश एवं प्रदेश के सभी मार्ग दर्शक, अग्रज, मित्र एवं नवांकुरित पत्रकार बंधुओ को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं ।
पदाधिकारियों ने कहा कि लगभग दो शताब्दी पूर्व ब्रिटिश कालीन भारत में जब तत्कालीन हिन्दुस्तान में दूर दूर तक अंग्रेजी,फारसी,उर्दू एवं बांग्ला भाषा में अखबार छपते थे तब देश की राजधानी कलकत्ता में कानपुर के रहने वाले वकील पंडित जुगुल किशोर शुक्ल जी ने अंग्रेजी के नाक के नीचे हिन्दी पत्रकारिता के इतिहास की आधारशिला रखी जिस पर आप सभी ने अपने अथक परिश्रम एवं निस्वार्थ भाव से भव्य भवन खड़े किए हैं । उस आधारशिला का नाम था “उदन्त मार्तण्ड”,जिसने अंग्रेज़ो की नाक में इस कदर खुजली कर दी कि इसका प्रकाशन डेढ़ वर्ष से अधिक न हो सका ।
इस साप्ताहिक के प्रकाशक एवं सम्पादक आदरणीय श्री शुक्ल जी ने 30 मई 1826 को उदन्त मार्तण्ड का पहला अंक प्रकाशित किया था । जिसके परिप्रेक्ष्य में 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता का उद्भव कहलाया और हम इसे हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाते हैं ।
पदाधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक मंगलवार को प्रकाशित होने वाले इस अखबार में उदन्त मार्तण्ड में हिन्दी भाषा के बृज और अवधी भाषा का मिश्रण होता था । पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि पत्र वितरण में अंग्रेजों द्वारा डाक शुल्क में लगातार छूट न दिये जाने के कारण इसका 79वां और आखिरी अंक दिसम्बर 1827 में प्रकाशित हुआ ।
पदाधिकारियों ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के इस महत्वपूर्ण पर्व पर देश एवं प्रदेश के सभी पत्रकार बंधुओ,फोटो ग्राफरों समाचार वाचक आदि का आव्हान किया है कि आज हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर हम सभी इस बात की शपथ लें कि हम किसी भी राजनीतिक दल या नेता या व्यक्ति विशेष एवं धार्मिक भावनाओं से प्रभावित हुए बिना निडर होकर निष्पक्ष तरीके से सही एवं सटीक खबरें जनता तक पहुंचाएंगे तथा किसी भी दशा में पत्रकारों के मान सम्मान से कोई भी समझौता नहीं करेंगे । अगर समस्त पत्रकार ठान लें तो देश की दशा और दिशा को पलक झपकते ही बदल देंगे ।
