नई दिल्ली । गोपाल किरण समाजसेवी संस्था के तत्वाधान में शनिवार 11 जून को इंडियन सोशल इंस्टीट्यूट,10 इंस्टीट्यूशनल एरिया ,लोधी मार्ग, न्यू दिल्ली पर एक दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा संवाद एवं सावित्री बाई फुले ग्लोबल आइकॉन एजुकेशन अचीवर्स अवार्ड कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमे देश के 20 राज्यों के शिक्षकों ने भाग लिया । आयोजको की ओर से सभी शिक्षकों का स्वागत व अभिनंदन कर सम्मानित किया गया । जिसमें न्यू शिक्षा पद्धति 2020 पर विस्तार से मंथन किया गया । डॉ० मीरा कुमारी के द्वारा लिखित पुस्तक “प्राचीन भारत में नारी शिक्षा” का विमोचन किया गया ।



इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर खेम सिंह डहेरिया (कुलपति अटल बिहारी वाजपई हिंदी विश्वविद्यालय,भोपाल), विशेष अतिथि कुलवीर सिंह सिद्धू (जनरल रक्षा विभाग), डॉ० रमेश चंद्रा (कुलपति महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय ,कैथल हरियाणा),डॉ० विनोद कुमार शानवाल (विभागाध्यक्ष शिक्षा व प्रशिक्षण विभाग,गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय,ग्रेटर नॉएडा ),डॉ० जगदीश गडवाल (डी.जी.एम),डॉ० ड़ेंजीयल फर्नाडिस (डायरेक्टर इंडियन सोशल इंस्टीट्यूट),डॉ० बी. मिश्रा, रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया (संपादक समाजहित एक्सप्रेस), डॉ० सुरेन्द्र सिंह (दिल्ली विश्वविद्यालय),आर. बी. वर्मा (मौसम विभाग) ,धर्मराज बैरवा (दिल्ली जल बोर्ड),देवी लाल (जॉइंट डायरेक्टर ,रक्षा मंत्रालय) आदि उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन कर किया गया । उसके उपरांत झांसी की कु.अंशिका व यशिका ने बुद्ध वंदना की प्रस्तुत कर सभी को भाव-भिभोर कर दिया । बबिता ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को बुलंदियों पर पहुंचा दिया । वहीं मनस्वी त्यागी ने बहुत ही सुंदर भरत नाट्यम की प्रस्तुति दी । कल्पना शाह ने नारी की दिशा को रेखांकित किया ।
नई दिल्ली में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर एक दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा संवाद का श्रेय गोपाल किरण समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश निमराजे को जाता है ।
इसी संदर्भ में दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. सुरेंद्र सिंह,(यूथ फॉर सोशल जस्टिस),मध्यप्रदेश धार की कल्पना शाह, विनोद संखवार के नेतृत्व गोपाल किरण समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश निमराजे को फूलो का बुग्गा भेट कर शाल उढ़ाकर सम्मानित किया ।
कार्यक्रम की रूपरेखा में पुष्पा अनिल, एच.निशा खान के साथ उसके क्रियान्वयन में शैलेश प्रजापति की भूमिका के साथ नसीम बानो,सुशीला देवी का मोटीवेशन के फलस्वरूप यह कार्यक्रम एक सफल आकार ले सका तथा प्रीति चौधरी, अंजू सैनी की भी भूमिका रही । नसीमबानो,नवजीत,जयजीत आदि का विशिष्ट सहयोग रहा ।
गोपाल किरण समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश निमराजे व समन्वयक शैलेश प्रजापति द्वारा एक दिवसीय शिक्षा संवाद आयोजित करने का उद्देश्य पे बेक टू सोसायटी के कान्सेप्ट पर शिक्षकों द्वारा विद्यालय में छात्रो के लिए की जा रही शैक्षिणिक व बौद्धिक विकास की नवाचार की गतिविधियों को प्रोत्साहन देने हेतु मंच उपलब्ध कराना है । छात्रो को पढ़ाने में आ रही परेशानी दूर करने हेतु शिक्षकों ने आपस में चर्चा कर पढ़ाने के नए तरीके ढूंढ़कर समस्या का समाधान किया । विद्यार्थियों को शिक्षित करने में शिक्षक के साथ-साथ परिवार और अभिभावकों की भूमिका का उल्लेख भी किया गया । एक समान शिक्षा व शिक्षा की गुणवता पर चर्चा की गई । ग्रामीण क्षेत्रो में सरकारी विद्यालयों में अत्यंत कमजोर वर्ग के बच्चे आते हैं, उनके परिवारों की कम जागरूकता के कारण शिक्षकों को उनकी ओर अधिक प्रयास करने पर जोर दिया गया । नई शिक्षा नीति का प्रभाव,परस्पर शिक्षकों के अनुभवों का आदान प्रदान,शिक्षा में बजट में वृद्धि,शिक्षकों की समस्या का व्यापक हल खोजना आदि विषयों पर व्यापक चर्चा/संवाद किया गया ।
देश के इतिहास मैं यह ऐतिहासिक अवसर है जब पहली बार इतने शिक्षको ने एक साथ बैठ कर चर्चा की । इस कार्यक्रम ने देश में एक इतिहास रच दिया । जो न केवल एक संस्था या व्यक्ति का है बल्कि इसमें उस हर एक व्यक्ति और संस्था का योगदान है जो समाज को समाज में सकारात्मक बदलाव की सोच रखता है इसमें उपस्थित होने वाले सहभागीयों ने बढ़-चढ़ कर उत्साह से भाग लिया ।
विभिन्न प्रदेशो से आये शिक्षको को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मंच पर उपस्थित अतिथियों के द्वारा प्रमाणपत्र व 10 शिक्षको को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षको को चाय नाश्ता व लंच में स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई थी । नई दिल्ली में एक दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा संवाद का श्रेय गोपाल किरण समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश निमराजे को जाता है ।
कार्यक्रम में मंच का संचालन अवर्तिका फर्स्वाण (चमोली, उत्तराखंड) ने किया । आभार व्यक्त सुशीला देवी हरियाणा ने किया ।
