फतेहपुर । खजुहा स्थित एक पार्क में गन्ना किसान गोष्ठी का आयोजन बलरामपुर चीनी मिल हैदरगढ़ द्वारा किया गया ।

किसान गोष्ठी में घाटमपुर,गोपालगंज,जोनिहा,बकेवर के किसानों ने हिस्सा लिया । चीनी मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक धर्मेंद्र मेहरोत्रा ने किसानों को शरद कालीन गन्ना बुआई के लाभ बताये ।
उन्होंने बताया की अक्टूबर माह में गन्ना की बुआई करने से 25 से 30 प्रतिशत अधिक उपज होती है । गन्ने में सूखा, पाला,कीट प्रकोप,जलभराव,सहने की क्षमता बढ़ जाती है । साथ ही गन्ने की दो लाइनो के मध्य लाही,मटर,आलू,धनिया, आदि फसलों का दोहरा लाभ भी किसान ले सकते हैं । इससे फसल के अबशेष के पलटने से जीवांश पदार्थ गन्ने की पैदावार को बढ़ा देते है और यह भी बताया कि किसान चीनी मिल के माध्यम से गन्ना की प्रजाति को समय-समय पर बदलते रहना चाहियें । आने वाले समय पर गन्ने के रस से ऐथनॉल (पेट्रोल),गन्ने के अवशेष से प्लाई बोर्ड,इसको जला कर बिजली का उत्पादन किया जाएगा । जली हुई राख से बायोपोटाश भी तैयार की जाती है जो किसानों को मिल की तरफ से 50 प्रतिशत छूट के साथ दी जाती है । गन्ने के रस की मैली से मीथेन गैस (सीएनजी) का उत्पादन शुरू किया जायेगा । इसलिये किसान शरद कालीन गन्ना की बुआई करे और दोहरी फसल का लाभ उठायें ।
इस मौके पर गन्ना किसान समिति के अध्यक्ष खेमराज उमराव,प्रवीण कुमार,कामता प्रसाद तिवारी,ललित मिश्रा, उप गन्ना प्रवन्धक मनमोहन सिंह,नयन यादव,भरत तिवारी सहित सैकड़ो किसान मौजूद रहे ।
