फतेहपुर । मीना दिवस पर देवमई विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मुरारपुर में मीना का जन्मदिन बड़े उल्लास के वातावरण में मनाया गया ।
“मीना” एक लड़की है जो यूनिसेफ की कार्टून परिकल्पना है । बालिका शिक्षा को समर्पित ऐसा कैरेक्टर जो उमंग और उत्साह से भरी हुयी है तथा जिसकी सोच सकारात्मक है । जो प्रश्न पूंछने में झिझकती नहीं है । जो कमजोर वर्ग के लिए हमेशा आवाज उठाती है । दूसरों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील है । परिवारीजनों,मित्रों एवं समाज की सहायता करने में तत्पर रहती है । मीना का छोटा भाई है राजू तथा मिठ्ठू उसका पालतू तोता है ।
इंसेट
मीना का ‘परिचय गीत’
सरस सुन्दर अपनी मीना,
जो करे सरल सबका जीना।
चतुर सफल है अपनी मीना,
क्यों न सीखें इससे जीना।
‘मीना मंच’ का प्रारम्भ 24,सितम्बर को हुआ था, मीना के जन्म दिवस को ‘मीना दिवस’ के रूप में मनाया जाता है ।
आज प्रा. वि. मुरारपुर में मीना क़ा जन्मदिन बहुत उल्लास से मनाया गया । प्रधानाध्यापिका गीता यादव ने विद्यालय के सभी बालकों को राजू और बालिकाओं को मीना बनने हेतु प्रेरित किया ।
विद्यालय की पॉवर एंजेल अंजलि ने केक काटा,अंजलि व ख्याति ने मीना गीतों पर अपनी प्रस्तुति भी दी।
मीना- एक परिचय
■ यूनीसेफ (Unicef) की परिकल्पना ‘मीना’
■ एक काल्पनिक कार्टून(cartoon) चरित्र है,जिसकी शुरुआत हुयी ।
▷ 1990 में कार्यक्रम ‘मीना मंच’ की कल्पना ।
▷ 1998 में उच्च प्राथमिक स्तर पर लागू (24,सितम्बर’1998)
▷ 2002 में क्रियान्वयन
▷ 2007 में प्रभावी
▷ 2009 में ‘मीना की दुनिया’ कंसेप्ट की संकल्पना
▷ 2010 में उ०प्र० के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लागू
▷ 2013 में प्राथमिक,उच्च प्राथमिक स्तर एवं कस्तूरबा विद्यालयों (KGBV) में लागू ।
उद्देश्य
1. बालिकाओं की शिक्षा पर जोर
2. समान अवसर उपलब्ध करना (लिंग भेद मिटाना)
3. मित्रवत व्यवहार करना
4. बाल मित्र समाज का निर्माण करना ।
