फतेहपुर । बांदा सागर मार्ग में पानी भरे गहरे गड्ढे देखकर फिल्म आरपार के उस गीत की याद आती है । जिस में गाया गया था ‘बाबूजी धीरे चलना बड़े खतरे हैं इस राह में’।
वर्तमान समय में यह मार्ग बद से बदतर हालात में हो गया है वहां तो दूर पैदल निकलना भी दुश्वार हो गया है । तब व्यक्ति दुर्घटना का शिकार हो जाए या वाहन पलट जाए इसका कोई भरोसा नहीं है । लगातार ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है । लेकिन अभी तक सड़क का मरम्मत नहीं शुरू हुआ ।
वर्तमान समय में चौड़ागरा कस्बे से लेकर बिंदकी कस्बा और बिंदकी कस्बा से भवानीपुर कोरवा,जोनिहा तथा आगे ललौली तक का बाँदा सागर मार्ग पूरी तरह से जगह-जगह टूटकर जर्जर हो गया है सड़क में भारी गड्ढे है । गड्ढे में पानी भरा हुआ है लोगों को यह अंदाजा नहीं लग पाता है कि इस जगह कितना गहरा गड्ढा है । जिसके कारण बाइक सवार दो पहिया वाहन तो दूर बड़े वाहन के पहिए गड्ढे के अंदर चला जाता है और उस समय दुर्घटना की पूरी संभावना बनी रहती है । दिन भर में कम से कम आधा दर्जन लोग घायल होते हैं और छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती है किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए मामला जानलेवा हो जाए । इसका कोई ठिकाना नहीं है जिस प्रकार यह रोड खराब है । उससे एक पुराने फिल्म आर पार की यह गीत याद आती है ।
बाबूजी धीरे चलना बड़े खतरे है इस राह में कई बार लगातार लोगों में इस बात की नाराजगी है कि सड़क बनवाई जाए ।जिससे लोगों का आवागमन सुगम हो सके लेकिन अभी तक इस मामले में कोई भी सुनवाई नहीं हुई । जिसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी का माहौल बना हुआ है ।
