बकेवर/फतेहपुर । बकेवर कस्बा क्षेत्र में आज सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी आयु की कामना कर निर्जला रहकर विधिविधान से करवाचौथ का व्रत पूर्ण किया ।
सम्पूर्ण दिन बिना अन्न व जल के रहने के बाद देर शाम चांद को साक्षी मानकर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए शिव,पार्वती और परिवार में सुख समृद्धि के लिए लक्ष्मी गणेश की पूजा कर व्रत का पारायण कर छलनी से पतियों का दीदार कर किया ।
शाम होते ही जैसे चांद दिखाई दिया अट्टालिकाओं में महिलाएं अपने मेंहदी युक्त हाथों में करवा लेकर दिखाई देने लगी और अंधेरी रात में हर घर की छत दीपोंसे से जगमगा उठीं । करवा चौथ के दौरान महिलाओं ने कपड़ों व ज्वैलरी की खूब खरीदारी की । इस दौरान मेहंदी लगवाने के लिए ब्यूटी पार्लरों में दिनभर महिलाओं की भीड़ लगी रही । बाजार देर शाम तक गुलजार दिखा ।
यह व्रत सती-सावित्री के समय से शुरू हुआ । जब यमराज ने सत्यवान के प्राण हर लिए तो उस समय सत्यवान और सावित्री मिट्टी के पात्र से पानी पीने की तैयारी में थे । उस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की चौथ थी । लेकिन पानी ग्रहण करने से पहले ही यमराज सत्यवान के प्राण हर कर ले गए । तब सावित्री भी उनके पीछे पीछे गई और यमराज से अपने पति को बचा कर ले आई । उसके बाद ही सावित्री ने मिट्टी के पात्र से जल ग्रहण किया था ।
मान्यता के अनरूप बकेवर कस्बा सहित क्षेत्र के ग्राम देवमई, हरदासपुर,शंकर नगर,करनपुर,मुसाफा सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों में करवाचौथ का पर्व श्रद्धा से मनाया गया । इस दौरान सभी घरों में महिलाओं ने अलग-अलग तरह के व्यंजन भी बनाए । क्षेत्र के मंदिरों में भी अच्छी-खासी भीड़ भी दिखी। शाम को आसमान में जैसे ही चांद का दीदार हुआ लोगों के चेहरे खिल गए । शाम होते ही सभी घरों की छतों पर महिलाएं एक साथ दिखाई दीं ।
