लखनऊ । विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा दिनांक 30 सितंबर तक सभी की पदोन्नति करने के स्पष्ट निर्देश के बाबजूद भी शासन का प्रशासकीय विभाग अगस्त माह के अन्तिम सप्ताह में पदोन्नति हेतु विभागीय चयन समिति की बैठक में चयनित पात्र अधिकारियों की मुख्य अभियन्ता और अधीक्षण अभियन्ता के पद पर पदोन्नति नहीं की जा रही है । जबकि बर्षो से कई क्षेत्रीय कार्यालयों एवं वृत्तीय कार्यालयों के प्रभार दूसरे अधिकारियों के पास हैं ।
सूत्रों के मुताबिक पदोन्नति पाने वाले अधिकारी अब ऊपर वालों की जेब भरने को तैयार नहीं है । क्योंकि उन्हें बुल डोजर बाबा का भय सता रहा है कि कहीं वे कीमत देकर मनचाही पोस्टिंग पा लें और बाद में शिकायत के आधार पर हटा न दिए जायें ।
यही कारण है कि दो माह बीतने वाले हैं और पदोन्नति आदेश जारी नहीं हो रहे हैं । अब कैसे कहें कि प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन है ।
