वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र त्रिपाठी की खास रिपोर्ट
– केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय हैण्डीक्राफ्ट,पर्यटन,हस्तशिल्प विपणन प्रोत्साहन योजना और नाबार्ड के होंगे स्टाल ।
लखनऊ । प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के तत्वावधान में आगामी 30 नवम्बर 2022 से 14 दिसम्बर 2022 तक 15 दिवसीय “भारत हस्तशिल्प महोत्सव-2022” का आयोजन कांशीराम स्मृति उपवन,आशियाना लखनऊ में किया जायेगा । इस बात की जानकारी आज यू पी प्रेस क्लब में प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने भारत हस्तशिल्प महोत्सव के कर्टन रेजर पोस्टर लॉन्चिंग के अवसर पर दी ।
उन्होंने बताया कि भारत हस्तशिल्प महोत्सव- 2022 की थीम ‘आत्म निर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम’ है । विनोद कुमार सिंह ने बताया कि भारत हस्तशिल्प महोत्सव मे 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों की कला संस्कृति,पर्यटन,हस्तशिल्प ,देशी उत्पाद,वस्त्र,फर्नीचर,मसाले,हैण्डलूम-हैण्डी क्राफ्ट,आटो मोबाइल सहित अन्य क्षेत्रों के स्टाल आकर्षण का केन्द्र होंगे ।
उन्होने बताया कि भारत हस्तशिल्प महोत्सव में केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय हैण्डीक्राफ्ट,पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश,संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश,सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उ.प्र. और नाबार्ड की सहभागिता के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के हस्त शिल्प विपणन प्रोत्साहन योजना भी क्रियान्वित होगी ।
उन्होंने बताया कि भारत महोत्सव प्रदेश सरकार द्वारा प्रद्वत कोविड-19 के नियमों के तहत आयोजित किया जा रहा है । विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 30 नवम्बर 2022 से 14 दिसम्बर 2022 तक होने वाले 15 दिवसीय भारत हस्तशिल्प महोत्सव में निःशुल्क भारत टैलेण्ट हण्ट- 2022 का आयोजन किया जायेगा । इसके तहत बच्चों व युवाओं की गायन,नृत्य, वादन,किड्स माॅडलिंग,मेंहदी,रंगोली,कबाड़ से जुगाड़,सिलाई, चित्रकला,निबंध लेखन,साइकिल रेस,खो-खो,कबड्डी,मिस्टर-मिस और मिसेज भारत प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा ।
प्रेसवार्ता में प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एन.बी. सिंह ने बताया कि भारत हस्तशिल्प महोत्सव-2022 में भारत के 28 राज्यों और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली अनेक विभूतियों को भारत हस्त शिल्प महोत्सव रत्न सम्मान से सम्मानित किया जायेगा । जिसमें महिलायें,पुरूष और बच्चे शामिल होंगे ।
उन्होंने बताया कि भारत हस्तशिल्प महोत्सव-2022 की सांस्कृतिक संध्या में रोजाना भारत के विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लोक नृत्य और लोक गायन के कार्यक्रम जैसे उत्तर प्रदेश का ख्याल नृत्य,रास नृत्य,झूला नृत्य,मयूर नृत्य,धोबिया नृत्य,चरकुला नृत्य,कठफोड़वा नृत्य,जोगिनी नृत्य, आल्हा-ऊदल गायन,राजस्थान का घूमर नृत्य,कालबेलिया नृत्य ,तेराताली नृत्य,गेर नृत्य,पंजाब का गिद्दा-भांगड़ा,हरियाणा का झूमर नृत्य,बिहार का जाट जाटिन नृत्य,झारखंड का फगुआ नृत्य,करमा नृत्य,महारास्ट्र का लावणी नृत्य,दसावतार और डिंडी नृत्य,गुजरात का गरबा नृत्य के साथ अन्य राज्यों के लोक नृत्य और लोक गायन के कार्यक्रम होंगे । इसके अलावा कवि सम्मेलन,मुशायरा,जादू,कठपुतली,बिरहा और आल्हा के कार्यक्रम होंगें ।
एन.बी. सिंह ने आगे बताया की भारत हस्तशिल्प महोत्सव के फूड जोन में कश्मीरी,राजस्थानी,पंजाबी,साउथ इण्डियन, गुजराती,चाइनीज,अवधी-मुगलई के अलावा देशी बाटी चोखे के स्टाल आकर्षण के केन्द्र होंगे । इसके अलावा फन जोन में बच्चों के लिए तमाम तरह के आकर्षक झूले,खिलौने होंगे । भारत हस्तशिल्प महोत्सव में भारत के हस्तशिल्पियों को बढावा देने के लिए 28 राज्यों और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों के हैण्डलूम हैण्डीक्राफ्ट्स,खादी ग्रामोद्योग,आटोमोबाइल,इलेक्ट्रानिक के समान,सहारनपुर का फर्नीचर,भदोही का कालीन,कश्मीर और लद्दाख में बने हुए गर्म कपड़े,शाल,गुजरात की सड़िया व लहंगे,कानपुर का चमडे का सामन,घरेलू सामानों और लघु इकाइयों द्वारा निर्मित अचार,पापड़,क्राॅकरी,मेवे व अन्य सामानों के स्टाल होंगे ।
एन बी सिंह ने बताया कि भारत हस्तशिल्प महोत्सव में बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षक झूलों के साथ घोड़े और ऊँट की सवारी की भी व्यवस्था की गई है। लोगों की सुरक्षा के लिए पूरे महोत्सव परिसर और परिसर के बाहर एक हजार सी सी टीवी कैमरे लगाये जायेंगे। इसके अलावा महोत्सव स्थल पर अस्थाई पुलिस चौकी का भी निर्माण प्रशासन के सहयोग से किया जायेगा। प्रेसवार्ता में प्रिया पाल, पवन पाल, कृष्णानन्द राय सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
