समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के विधायक आज़म ख़ान की विधानसभा की सदस्यता खत्म कर दी गई है ।
विधानसभा के स्पीकर के दफ्तर से जारी बयान में इसकी सूचना दी गई है । 2019 लोकसभा चुनाव के समय हेट स्पीच से जुड़े एक मामले में आज़म ख़ान के खिलाफ तीन साल की सजा सुनाई गई थी । उन पर 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है ।
सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म की गई है । 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि अगर कोई विधायक, विधान परिषद का सदस्य या सांसद को किसी आपराधिक केस में दो साल से ज्यादा जेल की सजा होती है तो उसकी सदन की सदस्यता तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी जाएगी ।
आज़म ख़ान ने 2019 में रामपुर लोकसभा सीट जीती थी ।लेकिन 2022 में विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी । आज़म ख़ान ने सीतापुर जेल में रहते हुए रामपुर विधानसभा सीट जीती थी ।
गुरुवार को आज़म ख़ान और दो अन्य लोगों के खिलाफ हेट स्पीच के मामले में तीन साल की जेल और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी ।
