कानपुर । सिखों के प्रथम पूज्य गुरु श्री गुरुनानक देव जी के 553 वें प्रकाश पर्व का आयोजन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा हरजिंदर नगर-2 लाल बंगला कानपुर में गुरुद्वारा कमेटी एवं सम्पूर्ण सिख संगत द्वारा किया गया । जिसमें मुख्य रुप से एसआईटी के डीआईजी श्री बिंदु भूषण जी (आई पी एस) और एसआईटी के थानाध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह अपनी सारी टीम के साथ गुरुद्वारे पहुँचे एवं मत्था टेका तथा गुरबाणी का आनंद लिया बाद में सेक्रेटरी तरसेम सिंह जी ने स्टेज पर उन्हें आमंत्रित कर गुरुद्वार प्रधान सरदार तपतेज सिंह सैनी जी, सरदार कुलवंत सिंह खालसा जी एवं प्रीतपाल सिंह हन्नी मीत प्रधान के कर कमलों से कृपाल और सिरोपा देकर सम्मान किया ।
श्री बिंदु भूषण जी ने सन 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों एवं सिखों के निश्रांश नरसंहार के समय सिख भाइयों को यथासंभव सहायता प्रदान की थी । आज से 38 साल पहले हुई इस दुर्दान्त घटना के बाद कई सरकारें आई । किंतु कभी किसी ने इस हृदयविदारक घटना के संदर्भ में कोई सहायता नहीं प्रदान की अब वर्तमान बीजेपी सरकार में योगी और मोदी के आने के बाद बहुत ही सार्थक कार्य किया गया और जिन लोगों ने सिखो भाइयों की हत्या की थी उन सब दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने का काम यथासंभव किया । सिर्फ़ कानपुर ज़िले में लगभग 127 लोग मारे गए थे । जिनकी एफ आई आर पहले से ही दर्ज है । इसमें दोषियों को पकड़ने का कार्य एसआईटी ने सुचारू रूप से किया । एसआईटी को गठन करने में श्री राजनाथ सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा लगभग डेढ़ सौ से ऊपर दोषियों को यथोचित सजा दिलवाई । इसी संदर्भ में 40 दोषी जिनके ऊपर हत्या और आगजनी का आरोप है । अभी तक जेल की सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं तथा अभी कुछ दोषियों को सजा देना शेष है । डीआईजी साहब ने इस पावन अवसर पर यह आश्वासन दिया की सभी दोषियों को यथोचित सजा दी जाएगी । जिस पर संगत ने जो बोले सो निहाल के नारे लगाकर उनकी बात का स्वागत किया । सारे दिन चले इस महोत्सव में श्री सतीश महना (विधानसभा अध्यक्ष) को भी सरोपा देकर सम्मानित किया गया । साथ ही साथ समाजवादी पार्टी के महाराजपुर प्रत्याशी सरदार फ़तह बहादुर सिंह को भी सरोप भेंट किया गया । बाद में सभी गणमान्य सदस्यों ने गुरु के अटूट लंगर का आनंद लिया ।
