फतेहपुर : अस्वीकृत छात्रवृत्ति से संबंधित अपील जिलाधिकारी कार्यालय कलेक्ट्रेट में अगली 7 जून तक की जा सकेगी ।
यह जानकारी देते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी फतेहपुर के०एस० मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020 21 में अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग पूर्व दशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत जनपद स्तर से अग्रसारित डेटा का परीक्षण निदेशालय स्तर पर किया गया है ।
जनपद स्तर से अग्रसारित डाटा का भुगतान पी एफ एम एस प्रणाली के माध्यम से आधार बेस्ट तथा अकाउंट बेस्ट द्वारा करने तथा जिला स्तर से वेरीफाई किए गए डाटा में से भी विभिन्न कारणों से मिसमैच अथवा पात्र छात्रों का डाटा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र राज्य इकाई लखनऊ के माध्यम से लगाए गए चेक प्वाईंट एवं बैंक एण्ड डाटा के परीक्षणोपरांत मिसमैच एवं गलत होने की दशा में रोक निदेशालय से लगायी गयी है ।
आप अवगत है कि छात्र का आवेदन पत्र निरस्त होने की दशा में उ०प्र० अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग दशमोत्तर छात्रवृत्ति नियमावली-2016 के नियम -17 (IV) में निम्न व्यवस्था दी गयी है ।
“जिन अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र, नियमो के अंतर्गत न होने के कारण अस्वीकृत होते है । ऐसे अस्वीकृत किये गए आवेदन पत्रों के संबंध में छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा अस्वीकृत के कारणों की जानकारी एनआईसी के मध्यम से ऑनलाइन प्रदर्शित की जाएगी तथा छात्र के मोबाइल नंबर पर एस.एम.एस. के माध्यम से सूचित किया जाएगा ।
सूचना प्राप्ति के 15 दिन के अंदर सम्बंधित छात्र,जिलाधिकारी को अपील कर सकेगा । जिलाधिकारी उस अपील पर सकारण लिखित आदेश पारित करेंगे । जिलाधिकारी द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा । पारित आदेश के अंतर्गत आहर्य अभ्यर्थियों को अध्ययन के लिए आवश्यक शुल्क वहन करना होगा”।
अतः जनपद के समस्त शिक्षण संस्थाध्यक्षगण को निर्देशित किया जाता है कि अपने शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत से वित्तीय वर्ष 2020-21 के पूर्वदशम एवं दशमोत्तर अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग के छात्रों को अपने स्तर से सूचित करना सुनिश्चित करें कि ऐसे छात्र/छात्रा अपना प्रार्थना पत्र/अपीलीय आवेदन पत्र जो जिलाधिकारी को संबोधित हो,के साथ मोबाइल नंबर छात्रवृत्ति का स्टेटस रिपोर्ट, ऑनलाइन आवेदन पत्र की हार्डकॉपी,समस्त संलग्नकों सहित कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी कलेक्ट्रेट परिसर फतेहपुर में 07 जून 2021 तक जमा करना सुनिश्चित करे ।
ताकि जमा प्रार्थना पत्रो पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सके ।
