फतेहपुर । अडानी की कंपनी की वित्तीय अनियमितताओं की जाँच जे.पी.सी. से और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने एवं गौतम अडानी का पासपोर्ट जब्त कराने की मांग आम आदमी पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल को एक ज्ञापन देकर की है ।

जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी वेद प्रकाश पटेल की अगुआई में दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि इस समय प्रधानमंत्री मोदी और अडानी की मिलीभगत से किये गए इतने बड़े वित्तीय घोटाले से देशवासी स्तब्ध है और देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है ।
पिछले कुछ दिनों में देश के करोड़ों नागरिकों का अडानी की कम्पनी में साढ़े ग्यारह लाख करोड़ रुपया डूब गया जो उन्होनें अपने खून पसीने से बचत कर निवेश किया था । अडानी का ये घोटाला पकड़ा गया तो अडानी ग्रुप ने कहा की ये देश पर हमला है लेकिन हिंडनबर्ग ने तो अमरीका,जापान आदि देशों की कंपनियों का घोटाला भी उजागर किया फिर उन देशों के उद्योगपतियों ने ये नहीं कहा की ये उनके देश पर हमला है । अगर ये देश पर हमला है भी तो देश के प्रधानमंत्री मोदी को ज़रूर बोलना चाहिए लेकिन वो खामोश बैठे हैं ।
अडानी कोई भारत नहीं हैं और न ही भारत ही कोई अडानी हैं लेकिन देश का दुर्भाग्य है कि प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ अडानी से अपनी दोस्ती निभाते रहे और देशवासियों के साथ विश्वास घात हो गया । जनता ने ये पैसा अडानी की कंपनी में एस.बी.आई,पंजाब नेशनल बैंक और एलआईसी के माध्यम से निवेश किया था । लेकिन पैसा डूबने के बाद अब मोदी खामोश हैं । क्यूंकि उन्होनें देश के सारे संसाधन एक व्यक्ति गौतम अडानी को दे दिए ।
जिसमें रेलवे,एयरवेज,कोयला,बिजली,पानी,सड़क,स्टील,तेल, सीमेंट गैस इत्यादि शामिल है । राष्ट्रवाद की आड़ में अडानी- मोदी अपना भ्रष्टाचार छुपा नहीं सकते ।
अडानी दुनिया के दो नंबरी का अमीर बनने के बाद भी वो भारत के टॉप 15 टैक्स पेयर की सूची में नहीं है । आखिर किसकी मेहरबानी से ?
अडानी और उनके भाइयों ने मिलकर 38 फ़र्ज़ी कंपनियाँ खोलकर देश के साथ फ्रॉड किया है । एलआईसी से 74 हज़ार करोड़ रुपया अडानी को दिलवा दिया गया । एसबीआई से 35 हज़ार करोड़ रुपया कर्ज़ा दे दिया गया । जबकि एक मज़दूर को अगर 35 हज़ार रूपये कर्ज़ा लेना हो तो उसकी चप्पल घिस जाती है फिर भी आसानी से कर्ज़ा नहीं मिलता ।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सांसद यूपी प्रभारी संजय सिंह द्वारा सदन में 267 के आधार पर अडानी के घोटाले पर चर्चा की मांग की ।
अमृतकाल में इस ज़हरीले घोटाले की जांच हो क्यूंकि इसमें निवेशकों के साढ़े ग्यारह लाख करोड़ रूपये डूब गए हैं लेकिन सरकार किसी भी हालत में जांच के लिए तैयार नहीं है ।
आम आदमी पार्टी राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री से मांग करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच और अडानी समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष गौतम अडानी के साथ-साथ सभी संबद्ध महत्वपूर्ण लोगों के पासपोर्ट जब्त कराएं ।
