फतेहपुर । 7 वाटरशेड विकास घटक- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनार्न्तगत जनपद स्तर पर गठित डब्लू०सी०डी०सी० की बैठक कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती श्रुति की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
उप कृषि निदेशक द्वारा बैठक का संचालन करते हुए भूमि संरक्षण अधिकारी राष्ट्रीय जलागम से उक्त योजना के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि जनपद के विकास खण्ड अमौली के 39 ग्रामों एवं विकास खण्ड धाता के 26 ग्रामों के कुल 7476.00 हे0 क्षेत्रफल में वाटरशेड विकास कार्य 05 वर्षों में कराया जाना प्रस्तावित है ।
उक्त योजना को चरणबद्ध रुप से तीन चरणों में सम्पादित किया जाना है ।
प्रथम चरण हेतु क्षमता विकास,आस्थामूलक कार्य एवं डी०पी० आर० हेतु कुल 89.65 लाख बजट का प्राविधान किया गया है । डब्लू०सी०डी०सी० की बैठक में उक्त कार्यों को योजना की गाइडलाइन के अनुरुप सम्पादित करने के निर्देश दिये गये ।
शासन की मंशानुरूप जल संवर्धन एवं जल संरक्षण के लिये शासन द्वारा दो विकास खंड-धाता,अमौली चयनित किये गए है । जिन ग्रामो को चयनित किया गया है जो कार्य होने है कि समीक्षा बिंदुवार की ।
उन्होंने कहा कि कार्यो का प्रस्ताव बनाया जाना तो पहले देख ले किसी भी योजना से आच्छादित न हो, इसका प्रमाण पत्र भी देने के निर्देश संबंधित को दिए ।
उन्होंने कहां की वाटर शेड परियोजना के लिए जो डीपीआर बनाये जाने है इसको समयान्तर्गत नियमानुसार जल्द से जल्द बनवाये ।
डीडीएजी को निर्देशित किया कि जो टीम गठित की गई है उसका सही जांच कराकर रिपोर्ट दे । गठित टीम द्वारा जल संवर्धन एवं जल संरक्षण के लिए जो जागरूकता का कार्य किया जा रहा है कि भी रिपोर्ट से अवगत कराये ।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री सूरज पटेल,उप कृषि निदेशक श्री राममिलन सिंह परिहार,डीसी मनरेगा,जिला उद्यान अधिकारी श्री श्याम सिंह,अधिशाषी अभियंता विद्युत, अधिशाषी अभियंता सिंचाई प्रखण्ड एवं निचली गंगा नहर परियोजना निदेशक मत्स्य,जिला उद्यान अधिकारी,उपायुक्त (श्रम रोजगार) जिला ग्राम्य विकास अभिकरण,सहित अन्य डब्लू०सी०डी०सी० सदस्य उपस्थित रहे ।
