सरसौल/कानपुर । विकास खण्ड सरसौल के विपौसी गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में नेहरू युवा केन्द्र कानपुर नगर (युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय) भारत सरकार के तत्वावधान में तीन बहादुर क्रांतिकारी भगत सिंह,शिवराम राजगुरु और सुखदेव की याद में शहीदी दिवस मनाया गया ।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक, समस्त स्कूल स्टॉफ व चौकी इंचार्ज सुंहैला एवं नेहरू युवा केन्द्र के पदाधिकारियों ने क्रांतिकारियों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया ।
नेहरू युवा केन्द्र कानपुर नगर से रामशंकर तिवारी ने शहादत दिवस के बारे में बताते हुए कहा कि 27 सितंबर 1907 को तत्कालीन पश्चिमी पंजाब के लायलपुर में जन्मे भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की आयु में फांसी के फंदे को चूमकर राजगुरू और सुखदेव के साथ अपने प्राण मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए न्योछावर कर दिए थे । भगत सिंह को 24 मार्च 1931 को फांसी दी जानी थी । लेकिन उन्हें 11 घंटे पहले ही 23 मार्च 1931 को शाम 7:30 फांसी पर चढ़ा दिया गया । फांसी के समय कहा जाता है कि भगत सिंह मुस्कुरा रहे थे और उन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए फांसी के फंदे को चूमा था । ब्रिटिश शासन के दौरान भी,उनके बलिदान ने कई लोगों को आगे आने और अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया ।
यही कारण है कि इन तीनों क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत 23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में मनाता है ।
इस मौके पर वेद नारायण त्रिपाठी,मनोज कुमार चौकी इंचार्ज सुंहैला,रामशंकर तिवारी नेहरू युवा केन्द्र कानपुर नगर, रजनी कांत शुक्ला,शिवम सिंह व शिक्षिकाओं से रेनू कुमारी,शिखा मिश्रा,मधु सागर,निधि तिवारी समेत सैकड़ो बच्चे मौजूद रहे ।
