बिन्दकी/फतेहपुर । ग्राम न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय बिन्दकी ने आज 13 साल पुराने एक एक्सीडेंट के मामले में अभियुक्त ट्रक चालक दिलशाद अली को कुल 4 साल की सजा विभिन्न धाराओं में सुनाई और ₹7500 का अर्थदंड भी आरोपित किया । धारा 304 ए में 2 साल का सश्रम कारावास एवं ₹5000 का जुर्माना हुआ है । सभी सजाएं एक साथ चलेंगी ।
ग्राम न्यायाधिकारी रत्न शेखर निर्मल ने 13 साल तक चले इस मुकदमे में आज दोष सिद्ध के आदेश के बाद सजा पर सुनवाई करने के पश्चात अभियुक्त दिलशाद अली पुत्र फैयाज अली निवासी मोहल्ला लाहौरी कस्बा बिंदकी थाना बिंदकी जिला फतेहपुर को मुकदमा अपराध संख्या 76/2010 थाना औंग के मामले में धारा 279 आईपीसी के अंतर्गत 6 माह का कारावास व ₹500 जुर्माना,धारा 329 आईपीसी में 1 साल का कारावास एवं ₹1000 जुर्माना,धारा 304ए आईपीसी में 2 साल का सश्रम कारावास एवं ₹5000 का जुर्माना एवं धारा 427 आईपीसी के अंतर्गत 6 माह का कारावास एवं ₹1000 अर्थदंड की सजा से दंडित किया है । अर्थदंड अदा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त का साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी सभी सजाएं एक साथ चलेंगी ।
मामला 2010 का है जिसमें गणेश सोनकर निवासी कर्नलगंज थाना बजरिया जनपद कानपुर नगर द्वारा थाना औंग में मुकदमा दर्ज कराया गया था और आरोप लगाया गया था कि उसका भाई उमेश अपनी पत्नी रीमा देवी को साथ लेकर मोटरसाइकिल से ग्राम कुंवरपुर थाना मलवा अपनी रिश्तेदारी में पितिया ससुर की मृत्यु की सूचना पर जा रहा था कि औंग थाना क्षेत्र के कीचकपुर गढ़ी ग्राम के सामने पहुंचने पर सामने से लापरवाही से तेज रफ्तार आ रहे ट्रक संख्या यूपी 78 भी एन 6018 द्वारा गलत साइड से आकर बगैर हार्न बजाए ।मोटरसाइकिल पर टक्कर मार दी गई । जिससे मोटरसाइकिल सवार उमेश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी रीमा देवी गंभीर रूप से घायल हो गई । मुकदमा के वादी गणेश सोनकर ने अपनी एफ आई आर में कहा था कि वह अपने भाई के पीछे मोटरसाइकिल से आ रहा था और उसने सारी घटना स्वयं देखी थी । कई गवाहों के पेश होने और विद्वान अधिवक्ताओं की बहस व दलीलें सुनने के बाद ग्राम न्यायाधिकारी ने दिलशाद अली को दोषी पाया और उसे दंडित किया ।
हालांकि उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि धारा 437ए दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत इस निर्णय के विरुद्ध अपील होने की स्थिति में अभियुक्त की अपीलीय न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु उनके द्वारा निष्पादित व्यक्तिगत बंधपत्र व उनके जामिनदारों द्वारा निष्पादित प्रतिभू पत्र इस निर्णय की तिथि से 6 माह की अवधि तक वैध रहेंगे ।
