फतेहपुर । जनपद में संचालित 52 गौ-आश्रय स्थलों में 1947 गौवंशों का संरक्षण कर लिया गया है ।
समस्त गौशालाओं में गौवंशों के पीने हेतु स्वच्छ पेयजल, भूसा,दाना, हराचारा तथा छाया हेतु शेड आदि की पर्याप्त व्यवस्था है ।
यह जानकारी देते मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ नवल किशोर ने बताया कि गौशालाओं में हरे चारे की बुआई करा दी गयी है जो इस समय खिलाया जा रहा है जहां पर हरे चारे की बुआई नही हो पायी है । वहां पर स्थानीय स्तर पर क्रय कर हरा चारा गौवंशों को दिया जा रहा है । वर्तमान में एम0पी0 चरी,लोबिया,मक्का आदि हरेचारे की बुआई कराई जा रही है । निकट भविष्य में गेहूँ की फसल की कटाई को देखते हुए गौशालाओं में भूसा भण्डारण हेतु भूसा गृहों की भण्डारण क्षमता बढ़ाई जा रही है । जिससे कि अधिक से अधिक भूसे का भण्डारण किया जा सकें एवं गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों को वर्षभर किसी प्रकार की भूसे एवं हरे चारें की कमी न हो ।
