कानपुर । शहर के काकादेव में राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर के तत्वावधान में हितकारी नगर में काव्य गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मृदुल तिवारी व विशिष्ट अतिथि अशोक शास्त्री ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ववलित कर शुभारंभ किया । कवि गोष्ठी में आमंत्रित कानपुर जनपद के सम्मानित वरिष्ठ कवियों ने अपनी काव्य पाठ से समा बांधा ।

वरिष्ठ कवि अजय मदहोश ने अपनी काव्य रचना में कहा अश्क तो अश्क है बादल नहीं होने वाला,हर कोई इश्क में पागल नहीं होने वाला ।

धीरपाल सिंह धीर का गीत “कितने बदल रहे है एहसास जिंदगी के” अब दूर हो रहे वो पास जिंदगी के । इसके अलावा अन्य मौजूद वरिष्ठ कवि नीरू निराली,मनीष मीत, अशोक शास्त्री ने कविता पाठ के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया । कविताएं सुनकर लोगों ने खूब तालियां बजाई । इस दौरान समिति के सदस्यों के द्वारा मुख्य अतिथि को शॉल व माला पहनाकर सम्मानित स्वागत किया गया.। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय मदहोश ने की ।
वहीं जिलाध्यक्ष अनुराग सैनी ने सभी का आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अनुराग सैनी जिलाध्यक्ष,मनीष रंजन,अनामिका सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।
