
बिन्दकी-फतेहपुर : जनपद फतेहपुर की तहसील बिन्दकी के नगर पालिका परिषद की जो निगरानी समिति है । वह पूरी तरह से फेल दिखती नजर आ रही है ।निगरानी समिति की बैठक करना अलग बात है और जमीनी स्तर पर काम करना अलग बात है । पालिका द्वारा निगरानी समिति की बैठक कर सुर्खियां तो बटोर लेते हैं । लेकिन नगर के लोगों के सवालों की स्थिति कि जब जमीनी हकीकत सामने आती है तो वह हकीकत बद से बदतर नजर आती है । वहां जाकर सुर्खियां बटोरने का काम नहीं होता है । क्योंकि नगर की जनता उनसे सवाल जवाब करने लगेगी कि नालियों में गंदगी है, सड़कों पर भरा पानी और लंबे समय से सफाई व्यवस्था का न होना । लगभग सभी वार्डो की स्थिति बहुत ही दयनीय है । पानी भरा रहता है सड़कों पर, गंदा पानी भरा रहता है लंबे समय से नालों की सफाई नहीं होती है नालियों पर लंबे समय से सफाई न होने की वजह से पॉलीथिन भरी हुई है । गंदगी होने के बाद भी सभासद द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है । ऐसी स्थिति के बाद भी मच्छर की दवा या नालियों में कीटनाशक दवा तक नहीं डाला जाता है । बिन्दकी नगर के लगभग सभी वार्डो ने इस तरह की अव्यवस्था फैली हुई है । जिसका पूरा जिम्मेदार पालिका प्रशासन है । पालिका द्वारा जो इस तरह से शिथिलता दिखाई जा रही है वो कही न कही सोचने पर मजबूर कर देती है ।
ऐसा समय शायद कभी आया हो कि फैली हुई अव्यवस्था पर कोई बेहतर कार्य हो । पूरी तरह से पालिका की निरंकुशता साफ दर्शाती है ।
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य –
● पालिका की शिथिलता निगरानी समिति के कार्य व्यवस्थाओं का साफ तौर पर उल्लंघन कर रही हैं ।
● तहसील के पीछे नई बस्ती वार्ड नंबर 14 में लगभग कई वर्षों से जल निकासी की समस्या,नालियों से लेकर सड़कों के ऊपर तक भरा रहता संक्रमित गंदा पानी ।
● हर प्रकार के टैक्स के बावजूद पालिका द्वारा कोई सुविधाएं नहीं ।
● आमजन और नगरवासी शिकायत करते भी है तो पालिका का व्यवहार बहुत ही ज्यादा नकारात्मक रहता है ।
● अव्यवस्था के चलते कई बार समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित की गई । जिसका पालिका प्रशासन पर कोई भी असर नहीं पड़ा ।
● कुछ जगहों के नालों में तो कभी सफाई भी नहीं हुई । नालों में चोक तक लगे हैं ।
● लंबे समय से भरे पानी में तरह-तरह प्रकार के जहरीले कीड़े,बैक्टीरिया पनप रहे हैं ।
● जलभराव और कोरोना समय में सबसे ज्यादा बुजुर्गों लोग प्रभावित हुए हैं ।
● निगरानी समिति का काम नगर में कोरोना से लोगो को वैक्सिनेशन के लिए जागरूक करना लेकिन वो भी नही ।
पालिका द्वारा जो लगातार शिथिलता बरती जा रही है । वह नगर के नागरिकों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं । कोरोना समय में जहां प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा लगातार अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन पूरी निष्ठापूर्वक से किया जा रहा है तो वही बिंदकी नगर पालिका परिषद प्रशासन और नगर के प्रथम नागरिक चेयरमैन द्वारा विकास कार्यों में पूरी तरह से शिथिलता बरती जा रही है । आखिर विकास कार्यों की चर्चा पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं जिम्मेदार ?
उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर एक ग्राम पंचायत और नगर पालिका वार्ड में निगरानी समिति का जो आदेश है वह बिन्दकी नगर पालिका द्वारा बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा है । वार्डो के सभासद अपने वार्ड में जाते तक नहीं है । महीने में कही एक बार सैनेटाइज किया जाता है नही तो वो भी नहीं । क्योंकि यह भी पालिका द्वारा खानापूर्ति कर फ़ोटो खिंचवा कर विभाग को भेज दिया जाता है जिससे यह संदेश जाए कि पालिका बेहतर तरीके से कार्य कर रही है ।
अब बात करते हैं नगर के मुख्य वार्डो की –
बिन्दकी तहसील के वार्ड नम्बर (13) तहसील के पीछे नई बस्ती का है । जहाँ पर कई सालों से जलभराव की समस्या बनी हुई है । कई बार वार्ड नम्बर 13 के नागरिकों द्वारा शिकायती प्रार्थना पत्र पर तहसील के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे भी । लेकिन उसका भी कोई असर नहीं पड़ा । बस एक काम हुआ कि टॉवर के पास एक बड़ा गड्डा बनाया गया जिससे जलभराव की समस्या से निजात मिल सके । लेकिन गड्डा भी बेअसर साबित हुआ । ये व्यवस्था भी एक फ्लॉप फ़िल्म की तरह रही ।

अभी भी जलभराव की समस्या ज्यों का त्यों बनी हुई है । कोई भी निष्कर्ष नही निकल पाया । क्योंकि निष्कर्ष के बीच में भ्रष्टाचार की चादर चढ़ी हुई है ।

तहसील के पीछे लगभग सैकड़ों घर बसे हुए हैं । इस समस्या की वजह से लोगो के घरों में जलभराव का गंदा पानी भर जाता है बारिश के समय समस्या बहुत ही जटिल हो जाती है

जलभराव की वजह से लोगो के घरों की दीवारों में एक से दो फुट तक पानी रहता है जिससे दीवारों पर चोक काई लगी हुई है कुछ दीवारें धंस गयी है ।

इस वजह से बुजुर्गों को ज्यादा असर पड़ रहा है । इस जलभराव के संक्रमण की वजह से यहाँ के लोग बीमार हो गए और कुछ ने तो दुनिया ही छोड़ दी ।

जनता विश्वास पर नगर पालिका अध्यक्ष और वार्डो पर सभासद चुनती है कि जटिल समस्याओं का निराकरण हो सके लेकिन जब यही समस्या का समाधान नही करते हैं तो बहुत बड़ा खेल समझ में आने लगता है । जनता द्वारा सवाल करना गलत नहीं होता है कि हमे यह समस्या है क्योंकि नगर के नागरिक समझ जाते हैं कि जब कोई इस जटिल समस्या पर झाँकने नही आता है तो समझों की भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है ।
“सारी समस्याएं ,व्यवस्थाएं कागजों तक सीमित रह जाती है । कितना निष्ठुर हो चुका है पालिका प्रशासन का कर्तव्य”
लोग मरते हैं उनको फर्क नहीं ,कितने भी समय से जलभराव हो उनको फर्क नहीं, सड़को पर नालियों का संक्रमित पानी भरा हो उनको फर्क नहीं ,नगर के नागरिक शिकायत करते रहे उनको फर्क नहीं ।
अब तो बस पालिका को अपने लिए सरकारी लाभ और जनता के टैक्स से मतलब है । अगर विकास कार्यों के बीच राजनीतिक ढाँचा प्रवेश कर जाए तो समझ लीजिए कि वह क्षेत्र विकास कार्यों से वंचित रह जायेगा ।
अब तो ऐसा लगता है कि जनता के सामने झूठे वादे किए जाने की शपथ ली जाती है ।
अब बात करते हैं वार्ड नम्बर 18 मीरखपुर का जहाँ लम्बे समय तक कोई साफ सफाई नही की जाती है । जिस कारण यहां मोहल्ले के स्थानीय लोग ही रास्तों के बीचो बीच कूड़ा डालते नजर आते हैं नालियों और नालों में सफाई की वजह से चोक लगा हुआ है ।

पालिका जो पॉलिथीन का बहिष्कार कराता है । वही नगर में सबसे ज्यादा काम में लाई जाती है । पालिका की यह कैसी निरंकुशता है कि वह सफाई के मामलों में बिल्कुल ढिलाई दिए हुए हैं । समाचार पत्र की सुर्खियों में सख्त नजर आते हैं और जमीनी हकीकत में निरंकुश नजर आते हैं ।
वही बात काशी काम्प्लेक्स के सामने बने नालों को देखा गया तो वहाँ पर भी लम्बे समय से सफाई नही हुई । नालियां और नाले पूरी तरह फुल है । बारिश के बाद यहाँ की परिस्थितियां बहुत ही दयनीय हो जाती है । पानी नही गंदा जहर बहता हुआ नजर आता है । नालियां पॉलिथीन से भरी पड़ी है अब क्या कहा जा सकता है ?
जहां देखो गंदगी की भरमार है और पालिका के कार्य बहुत ही बेईमान है ।

वही बिन्दकी पोस्ट ऑफिस की गलियों में देखते हैं कि वहां पर भी व्यवस्थाएं बत से बदतर हैं । हर दिन सैकड़ों की तादात पर लोग आते जाते हैं । वही बगल में बीएसएनएल ऑफिस भी है । वहां पर भी ऐसी ही गंदगी का ढेर लगा हुआ है । लोग वही रात में पेशाब भी करते हैं । मसाला खाकर थूकते भी हैं । मसालों की पुड़िया पड़ी रहती हैं । लेकिन पालिका मौन धारण किये हुए हैं ।

ऐसी ही स्थिति तहसील परिसर में देखने को मिली जहाँ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं । मतलब सभी जगह सिर्फ अव्यवस्था है । सफाई पर कोई बात नहीं सिर्फ ।
आज फिर नगर में फैली अव्यवस्था और प्रदेश सरकार द्वारा गठित निगरानी समिति के कार्यों का उल्लंघन देखते हुए ग्राउंड जीरो पर हमारे संवाददाता पहुंचते हैं और वह जमीनी हकीकत से रूबरू होते हैं तो वहां मालूम चलता है कि नगर पालिका की सफाई कार्यो की व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम पड़ी हुई है ।
निगरानी समिति के कार्य…….
कोरोना वायरस वैश्विक महामारी की दूसरी लहर बहुत ही ज्यादा खतरनाक साबित हुई । दूसरे प्रकोप को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हर जिले में बेहतर कार्य करने हेतु निगरानी समिति का गठन किया । जिसमे सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं । समिति के अध्यक्ष व सभी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अवगत कराया है कि सभी विशेष सक्रियता के साथ सावधानियों का पालन करें । एक निगरानी समिति में चार सदस्यों को रखा गया है ।
निगरानी समिति के अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्य करें कुछ महत्वपूर्ण बिंदु –
◆ मुख्य बाजारों व घनी बस्तियों का चिन्हाकंन कर वहां की सफाई व्यापक स्तर पर हो
◆ माइक्रोप्लान के साथ विशेष अभियान चलाकर कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे ।
◆ शहरी क्षेत्रों में सोडियम हाईपोक्लेराइड घोल से सैनिटाइजेशन कराया जाए ।
◆ ब्लीचिग पाउडर मेलाथियान डस्ट, चूना का नियमित छिड़काव हो ।
◆ कंटेटमेंट जोन के अंतर्गत जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से सामंजस्य बनाते हुए नियमित रूप से शत-प्रतिशत सैनिटाइजेशन कराया जाए ।
◆ विभाग व प्रदेश सरकार की ओर से दी जा रही तमाम सुविधाओं को योग्य व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए इस समिति का गठन किया गया है ।
◆ विभागीय स्तर पर गठित सर्विलांस टीम के सहयोग से निगरानी समिति को सक्रिय रखने के साथ ही आवश्यक कार्रवाई की जाए ।
◆ समिति के सदस्य अपने क्षेत्रों में व्यक्तियों के टीकाकरण के साथ ही साथ 45 वर्ष के ऊपर के लोगों को आरोग्य सेतु एप के उपयोग हेतु प्रोत्साहित करें ।
◆ आइइसी कंटेस के अनुरूप कोरोना वायरस को लेकर सावधानियों एवं सक्रियता के बिदु तथा टीकाकरण के लिए आम जनमानस में प्रचार प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया है ।
◆ प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस विभाग के अधिकारियों की मदद से कोविड के नियमों का उल्लघंन करने वालों से जुर्माना वसूलने का निर्देश ।
◆ स्थानीय निकायों में कोविड-19 हेल्प डेस्क को सुचारू रूप से संचालित किए जाने तथा हेल्पडेस्क पर कार्यालय में आने वाले लोगों का थर्मल स्कैनर से जांच कर उनका विवरण रजिस्टर में नोट करने का निर्देश दिया गया है ।
◆ नगर पालिका परिषद द्वारा सभी मोहल्लों को सेनिटाइज कराया जाए ।
◆ नगर पालिका कर्मचारियों की निगरानी समिति टीम बनाकर उन्हें डोर टू डोर भेज कर घर के प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्कैनर गन से जांच की जाए ।
◆ लक्षण युक्त संभावित संक्रमित लोगों को ट्रेस करते हुए उन्हें कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक करने के साथ जांच की करें अपील ।
