बिन्दकी-फतेहपुर (3 june) : जनपद फतेहपुर के कस्बा बिन्दकी तहसील की कोतवाली परिसर में उपजिलाधिकारी विजय शंकर तिवारी ने थाने में व्यापारियों के साथ एक पीस कमेटी की बैठक की गई । सभी को कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करने हेतु जागरूक किया साथ ही उनसे कहा कि दुकानों में आने वाले ग्राहकों को बिना मास्क के सामान न दें । सभी दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर उचित बनाये रखने हेतु दो गज की दूरी में गोला बनाये और लाइन से ग्राहकों को गोले में खड़ा कर दूरी बनाते हुए ही उनको सामान आदि विक्रय किया जाए ध्यान रहे गोला चूना या गेरू आदि से न बनाया जाए क्योंकि ज्यादा आवागमन के चलते चूना अथवा गेरू से बनाये गए गोले मिट जाते हैं इसलिए अपनी दुकान के सामने पेंट आदि कोई डार्क चीज़ से गोला बनाया जाए । जो आसानी से न मिट सके खुद भी मास्क लगाएं और ग्राहकों से भी मास्क लगाने को कहें एक दुकान में तीन व्यक्ति से ज्यादा लोगों को अन्दर न आने दें दूरी बनाए रखें ।
दुकानों में सैनिटाइजर की भी व्यवस्था रखी जाए साथ ही अपनी दुकानों में रस्सी आदि से घेराबन्दी कर दी जाए ताकि उचित दूरी बरकरार रहे और जरूरतमंदों को दूर से ही सामान दिया जाए यदि किसी दुकानदार द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी तो वहीं क्षेत्राधिकारी योगेन्द्र सिंह मलिक ने कहा कि कोई भी दुकानदार बिना मास्क न दिखे और न ही उनके ग्राहक यदि पुलिस को मजबूर किया गया तो उस दुकानदार के ऊपर भारी जुर्माना या मुकदमा दर्ज किया जाएगा । इसलिए सभी लोग नियमों का पालन करें ।
तो वहीं मौजूद नगर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाले नगर पालिका परिषद की उच्च अधिशाषी अधिकारी निरूपमा प्रताप सिंह ने लोगों को बताया कि प्रत्येक वार्ड में समयानुसार सैनिटाइज का कार्य सारणी के अनुसार कराया जा रहा है ।
जबकि इस पर अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद बिन्दकी से मुगलाही वार्ड न.24 में किस दिन सैनिटाइज का कार्य कराया गया के बारे सवाल पूछा गया तो अधिशाषी अधिकारी मीडिया के सवालों के जवाब देने से बचती हुई दिखाई पड़ीं । अगर जिम्मेदार ही सवाल नही देंगे तो कौन देगा ।
तो वहीं कूड़ा व गन्दगी को लेकर जब पूछा गया तो इसका जवाब न तो अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका के पास मिला और न ही उनके सहयोगी प्रधान लिपिक मनोज शुक्ला के पास बल्कि मामले को सभी लोग दबाते हुए नजर आए । मतलब कोविड काल में जो बात निगरानी समिति के अंतर्गत सफाई व्यवस्था पर ज्यादा होनी चाहिये तो ऐसा कुछ नहीं दिखा ।
इसका मतलब है कि जमीनी स्तर पर पालिका बात करने को और न उसके सवालों के जवाब देने को तैयार है जवाब दे भी तो कैसे क्यों उनके पास जवाब ही नहीं है क्योंकि पालिका के सारे कार्य तो सिर्फ कागजों पर ही होते हैं । हकीकत तो मौके पर जाने के बाद ही पता चलती है । बजट आता है तो जाता कहा है । अव्यवस्था पर बेहतर व्यवस्था की कहानी एक काल्पनिक विचारधारा बन कर रह गई है ।
