फतेहपुर । मलवां विकासखंड के अंतर्गत ग्राम रेवाड़ी को जाने वाला लोक निर्माण विभाग का मार्ग जर्जर हो जाने से लोगों को सफर करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । यह मार्ग नेशनल हाईवे से रेवाड़ी गांव होकर कई गावों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है । लेकिन हाइवें से एक किलो मीटर की रोड का हाल बदहाल हो चुका है सुरक्षित राहगीरों को भी इस रोड से सफर करने में ज्यादा समय लगता है ।
स्थानीय ग्रामीण भाजपा नेता अजीत कुमार सैनी और समाज सेवी पवन अग्निहोत्री आदि ने बताया की क्षेत्र के दर्जनों गांव के हजारों लोग इस जर्जर सड़क पर सफर करने को मजबूर हैं रेवाड़ी गांव में लगने वाली सप्ताह में 2 बार सब्जी बाजार करने के लिए लोगों एवं स्कूली बच्चों का आवागमन भी इसी मार्ग से रहता है । यह रोड क्षेत्र के मुख्य सड़क के साथ नेशनल हाईवे को जोड़ने वाली एवं तहसील,ब्लॉक और जिला मुख्यालय आने जाने के लिए इस मार्ग का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है । इसी कारण 24 घंटे इस मार्ग का उप्रयोग भी होता है ।
अजीत कुमार सैनी का कहना है कि सड़क के जर्जर होने के कारण आने जाने में पब्लिक को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । वर्तमान समय में सड़क इतनी खस्ताहाल हो चुकी है कि गड्ढों और गिट्टी के अलावा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है साथ ही बारिश हो जाने पर पानी गड्ढों में जमा हो जाते हैं । जिससे राहगीरों को पता नहीं चल पाता है की गड्ढों में कितना पानी भरा है । जिससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ती जा रही है इस सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो चुके है । बरसात के दिनों गड्ढे में पानी भर जाने के कारण दो पहिया वाहन को निकलना तो छोड़ो पैदल यात्रा कर रहे यात्रियों को भी निकलना दुर्लभ हो चुका है । कई सालो से तो इस मार्ग को लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाया तक नहीं गया जबकी रोड बनने के बाद विभाग द्वारा 5 सालों के बाद पुनः रोड को बनाने का नियम है और कई बार तो दो पहिया वाहन के चालक गिरकर घायल भी हो जाते हैं इसको लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से यथाशीघ्र इस सड़क का पुनर्निर्माण कराने का मांग किया है ।
इस रोड को बनवाने के लिए कई बार शिकायत की जा चुकी है । शिकायत करने के बाद विभाग द्वारा कुछ गड्ढों को भर कर सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है कि प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है बजट आने पर निर्माण कार्य करवा दिया जाएगा यदि रोड को जल्द से जल्द विभाग द्वारा नहीं बनवाया गया तो इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग के मंत्री से भी की जाएगी ।
