कानपुर,12 जुलाई । कानपुर कमिश्नरेट के महाराजपुर के महोली गांव निवासी रामचंद्र की पत्नी कुसुम 55 वर्षीय कुसुम अपनी पति रामचंद्र के साथ प्रतापगढ़ के लीलापुर गांव में रहती थी ।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महोली गांव में रामचंद्र का छोटा भाई और उसके बेटे बबलू व आशू रहते हैं । सम्पत्ति में हिस्सेदारी लेने के लिए कुसुम 20 साल बाद तीन दिन पहले गांव में आई थी । उनका हिस्सा हड़पने की नीयत से बबलू और आशू ने हत्या की योजना बनाई । फिर उन्होंने नोयडा निवासी अपने एक रिश्तेदार से भी बात की । उनका रिश्तेदार नोयडा से ओला टैक्सी बुक कर सोमवार की देर रात को हाइवे पहुंचा । जहां पर आशू और बबलू कुसुम की हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर बाइक से पहुंचे थे । इसी दौरान आरोपितों ने ओला टैक्सी चालक से डिग्गी खोल कर सामान रखने की बात की । चालक ने जैसे ही बोरे को देखा तो उससे खून टपक रहा था । जिसे देख उसके होश उड़ गए । चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए आनन फानन कार लेकर हाइवे किनारे खड़ी पीआरवी के पास पहुंचा और मामले की जानकारी दी । इसके बाद महाराजपुर पुलिस ने टैक्सी चालक से पूछताछ करने के बाद पूरे मामले की जानकारी की ।
महाराजपुर पुलिस ने बताया कि टैक्सी चालक दीपक निवासी भरतपुर राजस्थान के मुताबिक आरोपित भतीजों ने महिला की हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरा । इसके बाद वे शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे ओला टैक्सी में रख रहे थे ।
आखिर बोरी में भरा शव व फरार युवक कहां गया । इसका पता लगाने के लिए पुलिस व सर्विलांस टीम तलाश कर रही है ।
वही एसीपी चकेरी अमरनाथ यादव का कहना है कि टैक्सी चालक की सूझबूझ से घटना का सुराग तो मिल गया है ।लेकिन अभी तक शव बरामद करना और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी करना बाकी है । पुलिस व सर्विलांस की टीमें तलाश में लगी हुई है । जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा ।
