कानपुर । बिधनू थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक तेज रफ्तार डंपर ने भाई-बहन को कुचल दिया । दोनों सुबह घर से तैयार होकर एक साइकिल पर स्कूल जा रहे थे । हादसे में मौके पर ही दोनों की मौत हो गई । घटना के बाद आकोशित ग्रामीणों ने कानपुर-सागर हाईवे जाम कर दिया । मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेने का प्रयास किया । लेकिन परिवार ने शव देने से साफ मना कर दिया । करीब 3 घंटे तक हाइवे पर प्रदर्शन चला । दोनों तरफ 15 किमी लंबा जाम लग गया । मौके पर डीएम, एसएसपी पहुंचे । लोगों को समझाया तब जाकर 3 घंटे तक प्रदर्शन खत्म हुआ ।
घटनाक्रम के अनुसार राकेश उर्फ हरिओम गांव के शम्भुहा गांव में रहते हैं । वो खेती किसानी करके अपना घर चलाते हैं । उनकी बेटी कशिश (10) और बेटा ऋषभ (5) गांव के जूनियर स्कूल में पढ़ते थे । मंगलवार सुबह कशिश अपने भाई को साइकिल से लेकर स्कूल जा रही थी । तभी हाईवे पर तेज रफ्तार ने डंपर ने दोनों को टक्कर मार दी टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाई-बहन उछलकर दूर गिरे । हादसे में मौके पर ही उनकी मौत हो गई । प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डंपर की स्पीड काफी तेज थी । टक्कर मारने के बाद वह मौके से डंपर समेत भाग निकला । डंपर चालक का ग्रामीणों ने पीछा करके घटनास्थल से 7 किलोमीटर दूर पतारा कस्बे से पकड़ लिया है । उसे पकड़कर को पुलिस को सौंप दिया ।
हाइवे पर 15 किमी लंबा जाम

घटना से गुस्साएं ग्रामीण कानपुर सागर हाईवे पर मेज डालकर बैठ गए । सूचना पर मौके पर पहुंचे हमीरपुर एसडीएम की गाड़ी को ग्रामीणों ने वापस लौटा दिया । वहीं,घाटमपुर सपा नेता विजय सचान समेत कई सपाई परिजनों के समर्थन में हाइवे पर धरने पर बैठ गए थे ।
उन्होंने मृतक के परिजनों को दस लाख रुपए मुआवजा दिलाने की मांग की है । मामले में घाटमपुर एसीपी दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि घटना कि जानकारी मिली है । छात्रों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है । तहरीर के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।
घर के एकलौते बेटे की मौत, मां का बुरा हाल

परिवार के लोगों का कहना है, ऋषभ घर का अकेला बेटा था वो अपनी 4 बहनों में अकेला था । घर में सबसे छोटा होने के कारण सब लोग उसको बहुत प्यार करते थे । वो सबका लाडला था उसकी मौत से हम लोगों को गहरा सदमा पहुंचा है । ऋषभ तो बहुत शौक से पढ़ाई करने स्कूल जा रहा था । हमें क्या पता था, अब बेटे का शव घर आएगा ।
