कानपुर । डी0 ए-वी कालेज कानपुर मे दर्शनशास्त्र विभाग के नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओ के लिए दीक्षारम्भ (प्रतिभा- परि पोषण) संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।
संगोष्ठी की अध्यक्षता दीन दयाल शोध संस्थान के पूर्व निदेशक एवं मेरठ कार्यपरिषद के पूर्व सदस्य डॉ० ए० के० सिंह ने किया ।
डॉ० ए० के० सिंह ने विद्यार्थियो को दर्शनशास्त्र के अध्ययन के लिए अनेक उपयोगी टिप्स दिये । प्रो० निरंकार प्रसाद तिवारी ने विद्या अध्ययन मे ईश्वरीय प्रार्थना एवं गुरू निष्ठा के प्रतिफल की भी चर्चा की ।

दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रंजय प्रताप सिंह ने विषय प्रवर्तन करते हुए शिक्षा एवं दीक्षा का महत्व रवीन्द्र नाथ टैगोर एवं मैथिलीशरण गुप्त का उद्धरण देकर समझाया । उन्होने कहा कि शिक्षा मनुष्य सामर्थ्यवान बनाती है । दर्शनशास्त्र मे परा विद्या का अनुशीलन किया जाता है । जिससे मनुष्य का अपने आप से परिचय प्राप्त होता है । भारतीय संस्कृति एवं दर्शन का अध्ययन मनुष्यत्व का बोध कराता है । जो आज समय की माँग है । स्वागत प्रो० नितिश दुबे ने किया । मंच संचालन डॉ० बेद प्रकाश शुक्ल ने किया ।

इस अवसर पर प्रोफेसर दीपा, प्रधान विभागाध्यक्षा प्राचीन इतिहास ,प्रोफेसर राजबहादुर तिवारी ,विभागाध्यक्ष सांख्यिकी एवं डॉ० आलोक शुक्ला आदि उपस्थित रहे ।
