कानपुर । क्वीन मैरी महिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर निशा सिंह बताती है कि किसी भी प्रकार का नशा अच्छा नहीं, यदि गर्भवती नशा करती है तो गर्भ में पलने वाले बच्चों के विकास पर असर पड़ता है शराब ,सिगरेट व हुक्का बार की लती महिलाओं के बच्चे कई बार अपंगता मानसिक रूप से कमजोर पैदा होते हैं । शराब के ज्यादा सेवन से लिवर इन्फेक्शन का खतरा रहता है ।


वही सिगरेट पीने वाली और तंबाकू पान मसाला खाने वाली महिलाओं में फेफड़ों की समस्या हो रही है । उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया,पंडित दीनदयाल उपाध्याय एग्री कल्चर एंड आयुर्वैदिक रिसर्च संस्थानके तत्वाधान में दबौली दुर्गा मंदिर महिला मंडल कानपुर के सहयोग से प्रातः वंदनीय राष्ट्रीय भागवताचार्य सुमित शास्त्री जी द्वारा की जा रही श्रीमद् भागवत कथा एवं सम्मान कार्यक्रम में नशा मुक्ति युवा भारत अभियान के तहत नशा मुक्त जीवन संदेश में अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरू ज्योति बाबा ने कही ।
ज्योति बाबा ने आगे जोर देकर कहा कि आज कोई घर ऐसा शायद ही बचा हो,जहां नशे के रोगी ना हो जिसके चलते हर परिवार में अखंड पारिवारिक हिंसा हो रही है, यही कारण है कि मानसिक रोगियों की संख्या करोड़ों में पहुंच चुकी है और युवा आत्महत्या बहुत आम हो गई है ।
कार्यक्रम में नशा मुक्ति युवा भारत के लिए निर्बाध रूप से 35 सालों में 6000 से ज्यादा कार्यक्रम और 10 करोड लोगों को संकल्प कराने वाले अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख योग गुरू ज्योति बाबा को भागवताचार्य सुमित शास्त्री जी ने श्री रामकृष्ण भारत सेवा श्री सम्मान से सम्मानित किया और अपने उद्बोधन में कहा कि ज्योति बाबा जी जैसे अन्य संत महात्मा भी जवानी में ही नशा मुक्त भारत का संकल्प ले लें तो हम गर्व से 2047 में आजादी की शताब्दी वर्ष में पूर्ण नशा मुक्त भारत का उत्सव मना रहे होंगे ।
बहन उमा जी और बहन माया जी ने कहा कि ज्योति बाबा को हम पिछले कई वर्षों से निरंतर एक मिशन के रूप में नशा मुक्त भारत अभियान चलाते देख रहे हैं हम सभी बहने संकल्पित होकर ज्योति बाबा के नशा मुक्ति यज्ञ में सहयोग रुपी आहुति जरूर देगी ।
इस अवसर पर जूही हमीरपुर रोड व्यापार मंडल के चेयरमैन ऋषभ मिश्रा,उपाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी व समाजसेवी एडवोकेट सकलेंद्र जी ने ज्योति बाबा को माल्यार्पण कर सहयोग का संकल्प भी दिया ।
सम्मान समारोह का संचालन माया दीदी और धन्यवाद उमा दीदी ने दिया । अन्य प्रमुख बहनों में द्रौपदी, पूनम, ममता, रंजना, मनोरमा, मुन्नी ,सुमन मालती, गीता रानों ,पिंकी ,मधु,शशि इत्यादि थी। अंत में ज्योति बाबा ने सभी को नशा मुक्ति युवा भारत का संकल्प भी कराया ।
