फतेहपुर । विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस कार्यक्रम विकास भवन सभागार में खागा विधायक श्रीमती कृष्णा पासवान, जिलाधिकारी श्रीमती सी. इंदुमती, अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती नित्या पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल ने फीता काटकर, दीप प्रज्ज्वलित कर व मां सरस्वती जी के चित्र पर मल्यार्पण कर शुभारम्भ किया ।


मूक बाधिर छात्राओं ने सरस्वती वंदना,स्वागत गीत की प्रस्तुति की ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही खागा विधायक श्रीमती कृष्णा पासवान ने सम्बोधन में कहा कि मानसिक रोग तनाव के कारण होता है । लोगो की दैनिक दिनचर्या में बहुत भागदौड़ होती है । जिसके कारण लोग अवसाद में चले जाते है और मानसिक स्थिति सही नही होने के कारण शरीर स्वास्थ्य नही रहता है इसके लिए आपस में हंस बोलकर जिंदगी बिताए ।
बेटियो से ही बेटा है, बेटियां सुबह उठकर आपका पूरा कार्य करती है, इसके बाद स्कूल जाती है। बेटा से बेटियां हर क्षेत्र में आगे है । कोई भी परिणाम आता है तो बेटियां ही आगे रहती है ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओ को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है । उन्होंने कहा कि अपने अपने घरों में आपस में समन्वय के साथ जीवन व्यतीत करे तभी मानसिक रोगों से निदान मिल सकता है । सेवा करते रहे आगे बढ़ते रहे । इससे देश और प्रदेश की उन्नति होगी ।
जिलाधिकारी श्रीमती सी. इंदुमती ने कहा कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस को एक महत्वपूर्ण दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए । हमारी जिन्दगी भागदौड़ भरी है जिससे कि तनाव बढ़ता घटता है । यदि मानसिक रूप से आप स्वास्थ्य नही है तो शारीरिक रूप से आप स्वास्थ्य नही है । जिससे कि आज कल प्रायः देखने को मिल रहा है कि कम आयु में लोगो की अचानक मृत्यु हो जाती है । जिसका मुख्य कारण है तनाव में रहना,तनाव के कारण मानसिक स्थिति खराब हो जाती है । कुछ लोग शारीरिक रुप से ठीक होने पर भी मानसिक तनाव के कारण देहांत हो जाता है ।
उन्होने कहा कि अपने दिन की शुरुआत मुस्कुराहट से करिए । उन्होंने कहा कि यदि लोग आपस में सकारात्मक संवाद करेंगे तो निश्चित रूप से स्वास्थ्य रहेंगे । उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने कार्मिकों से सम्मान के साथ बात करें जिससे कि मानसिक स्थिति काफी ठीक रहेगी । किसी से भी जब बात करे तो सोच समझकर बात करे । मानसिक स्थिति को सही रखने के लिए सही समाज, सही वातावरण की आवश्यकता है ।
उन्होंने कहा कि हमारे समाज की सबसे पीड़ा दायक बात हैं कि लोग बिटिया होने पर तनाव में आ जाते है । बिटिया आज हर क्षेत्र में आगे है । सरकार भी नारी सशक्तिकरण का कार्य रही है । नारी सशक्तिकरण का जीता जागता उदाहरण हम सब लोग है । उन्होंने आशा कार्यकत्रियों से कहा कि जो मेरा संदेश है वह अपने अपने क्षेत्र के ग्रामों में जाकर लोगो को जागरूक करे ।
अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती नित्या पाण्डेय ने कहा कि मुझे अच्छा मंच प्रदान हुआ है । विधिक की तरफ से अनेक कार्यक्रम चलाए जाते है । न्यायालय में ऐसे लोग आते है कि जानकारी के अभाव में अपराध करते है । उन्होंने कहा कि 07 वर्ष से 12 वर्ष आयु के बच्चो द्वारा अपराध किया जाता है तो उनका मनो चिकित्सक जांच होती है यदि मानसिक स्थिति सही नही है तो उसकी जांच न्यायालय में निहित प्रविधानों से करायी जाती है यदि मानसिक स्थिति के कारण अपराध हुआ है तो अपराध की श्रेणी में नहीं आता है । उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो मुकदमे की पैरवी करने में अक्षम है । उनको विधिक सहायता निःशुल्क प्रदान की जाती है ।
मानसिक रोग विशेषज्ञ श्रीमती रिंकी लकड़ा ने मानसिक रोगों एवं उनके बचाव पर और जीवन यापन पर विस्तार से प्रकाश डाला ।
मुख्य विकास अधिकारी श्री सूरज पटेल ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जो संदेश दिया गया है वह जन जन तक पहुंचाया जाय ।
इस अवसर पर खागा विधायक श्रीमती कृष्णा पासवान, जिलाधिकारी श्रीमती सी. इंदुमती, अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महोदया श्रीमती नित्या पाण्डेय,मुख्य विकास अधिकारी महोदय श्री सूरज पटेल द्वारा सरहनीय कार्य करने वाली 30 आशा कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटम देकर सम्मानित किया गया । साथ ही 20 दिव्यांग बच्चो को दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिया गया ।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० इस्तियाक अहमद,सीएमएस महिला डॉ० रेखारानी,सीएमएस पुरुष पी0 के0 सिंह,डीपीएम श्री लालचन्द्र गौतम,जिला सूचना अधिकारी श्री आर0एस0 वर्मा,आशा कार्यकत्री सहित छात्राएं उपस्थित रहे ।
