फतेहपुर । डेंगू के बुखार में जानकारी ही बचाव है । यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० अशोक कुमार ने बताया कि डेंगू मच्छर जनित वायरल बुखार है । यह बुखार बहुत तेजी से फैलता है । डेंगू का बुखार एडिस एडिप्टाई प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है । इसके कारण तेज बुखार सिरदर्द मांसपेशियों एवं जोड़ो में दर्द तथा त्वचा पर चक्कते एवं उल्टी हो सकती है । डेंगू बुखार का प्रसार वर्षा ऋतु एवं उसके बाद (जुलाई से नवम्बर) में उच्च स्तर पर होता है ।
संचारी रोग (डेंगू) से बचाव एवं उपचार –
पूरी आस्तीन के कपडे पहने बरसात के दिनों में अपना विशेष ध्यान रखें । मच्छरदानी लगाकर सोयें घरों की खिड़कियों पर जाली अवश्य लगायें । अपने घरों के आस पास और नालियों में पानी एकत्र न होने दें ।
पानी के बर्तनों और टंकियो को ढ़ककर रखें । कूलर पशु पक्षिओं के बर्तनों को सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य साफ कर पानी को बदल दें । घरों की छतों आँगन में रखे पुराने टायर डिब्बे गमलों एवं कबाड़ आदि में पानी एकत्र न होने दें । घरों के आस पास और नालियों की नियमित रूप से साफ सफाई अवश्य कराए । पानी से भरे गढ्ढों में मिटटी भर दें । इंडिया मार्का हैंडपंप के आस पास पक्का फर्श और नाली अवश्य बनवाएं ।
डेंगू के सामान्य लक्षण –
– तेज़ बुखार होना ।
– सिरदर्द ।
– जी मिचलाना उल्टी होना ।
– मांसपेशियों एवं जोड़ो में दर्द होना ।
– आँख के पीछे दर्द होना ।
– त्वचा पर लाल चक्कते होना ।
क्या करें –
– तुरंत नजदीकी चिकित्सा इकाई पर उपचार हेतु सम्पर्क करें ।
– उचित चिकित्सीय सलाह लें जाँच कराए बताये निर्देशनुसार औषधी अवश्य लें ।
– पर्याप्त मात्रा में पानी तरल पदार्थ जैसे दाल,सूप,नारियल पानी,दूध आदि लें ।
– रेपिड डेंगू टेस्ट में पाजिटिव आने पर डेंगू एलाइजा टेस्ट अवश्य कराएं ।
– नियमित रूप से उपचार लें ।
– यदि लगातार उल्टी पेट दर्द बना है ।
– पेशाब में जलन होना आदि ऐसी स्थिति में नजदीकी स्वाथ्य केंद्र में भर्ती होकर नियमित उपचार कराएं ।
झोलाछाप अपंजीकृत व्यक्तिओं से उपचार कदापि न कराये ।
सभी जनपदवासियों से अपील है कि संचारी रोगों (डेंगू) के बचाव उपचार के द्रष्टिगत सभी राजकीय चिकित्सा इकइयों पर निशुल्क चिकित्सा सेवाए प्रदान की जा रही है । वर्तमान में डेंगू के बचाव उपचार हेतु सभी चिकित्सा इकइयों पर सभी चिकित्सा सुविधा एवं जाँच आदि उपलब्ध है ।
