फतेहपुर । विनिमय शुल्क जमा करके ही ईट भठ्ठा संचालन करें । यह जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी, (वि०/रा०) ने बताया कि जनपद के समस्त ईंट भट्ठा स्वामियों/संचालकों को निर्देशित किया गया है कि कि ईंट भट्ठा सत्र 2023-2024 (01 अक्टूबर-2023 से 30 सितम्बर,2024 तक) के लिए उ०प्र० उप खनिज (परिहार) नियमावली-2021 के नियम-21 (2)के अनुसार पायों की संख्या के आधार पर विनियमन शुल्क (Regulating Fees) अग्रिम रूप से जमा कर ईंट भट्ठा संचालन के निर्देश प्राप्त हैं । शासन द्वारा यह भी निर्देश दिये गये हैं कि ईंट भट्ठा स्वामी को पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा ।
आवेदन के साथ आवेदन शुल्क रु0-2,000/-, ईट भट्ठा स्वामी का विवरण, ईंट भट्ठा स्थल का विवरण, भट्ठा का प्रकार (सामान्य/जिगजैग),पायों की संख्या,ईंट मिट्टी के खनन क्षेत्र का विवरण,भट्ठा सत्र सहित वांछित विवरण आवेदक को फीड किये जाने एवं आवेदन पत्र के साथ ईंट भट्टे के सम्बन्ध में रायल्टी/विनियमन शुल्क बकाया न होने का शपथ पत्र प्रस्तुत किये जाने के निर्देश हैं ।
देय विनियमन शुल्क एवं पलोथन की धनराशि अग्रिम रूप से पोर्टल पर प्रदर्शित लिंक के माध्यम से आज़ लाइन भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के लेखा शीर्षक 0853- अलौह खनन तथा धातुकर्म उद्योग- 102- खनिज रियायत शुल्क किराया और स्वत्व शुल्क में जमा किये जाने की व्यवस्था है ।
शासन के उपरोक्त निर्देशों के अनुपालन मे जनपद के समस्त ईंट भट्ठा स्वामियों/ संचालको को सूचित किया जाता है कि उपरोक्त ऑनलाइन व्युकथा के अन्तर्गत ईंट भट्ठा सत्र 2023-2024,जिसकी अवधि 01 अक्टूबर-2023 से 30 सितम्बर,2024 तक है, जिसके लिए नियमानुसार देय आवेदन शुल्क विनियमन शुल्क एवं पलोथन की धनराशि 15 दिवस के अन्दर जमा करना सुनिश्चित करें । यदि उक्त संगत वर्ष में ईंट भट्ठा का संचालन नही किया जाना है तो ईंट भट्ठा संचालन न किये जाने/बन्दी सम्बन्धी प्रार्थना पत्र शपथ पत्र सहित खनिज कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें । उक्त अवधि मे ईंट भट्टे का विनियमन शुल्क आदि जमा नही किया जाता है, तो ऐसे समस्त भट्ठा स्वामियों /संचालको के विरूद्ध उ० प्र० उप खनिज (परिहार) नियमावली-2021 के नियम-59 (2) के प्राविधानानुसार कार्यवाही की जायेगी । जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व सम्बन्धित ईंट भट्ठा स्वामी/ संचालक का होगा ।
