फतेहपुर । आज आकांक्षी जनपद फतेहपुर में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के द्वारा पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव के नेतृत्व में आई सी डी एस शहरी परियोजना की 150 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को गूगल रीड अलोंग एप्प के माध्यम से पूर्व प्राथमिक शिक्षा के क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षित किया गया ।

इस प्रशिक्षण में पीरामल फाउंडेशन की ओर से जिला समन्वयक रोहिणी राय द्वारा स्कूल पूर्व शिक्षा को बेहतर बनाने हेतु गूगल रीड अलांग एप्प के बारे में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं आंगनवाड़ी सुपरवाइजर को मोबाईल आधारित पूर्व प्राथमिक शिक्षा की तकनीक से विस्तृत रूप से सभी का परिचय कराया व प्रशिक्षित किया गया ।
सभी आंगनबाड़ी को बेहतर तरीके से बच्चों की भाषा कौशल को बेहतर बनाने हेतु प्रयास करने के लिए गूगल रीड अलांग एप्लीकेशन में 9 भाषाओं में हजारों कहानियां के माध्यम से पढ़ कर सुन कर देख कर बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र और घर पर बेहतर शिक्षा देने हेतु प्रोत्साहित किया गया ।
कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य बच्चों को उम्र के अनुसार बेहतर शिक्षा हेतु निपुण किया जाना है । जिसके लिए प्रशिक्षण के दौरान पीरामल फाउंडेशन के कार्यक्रम समन्वयक अनवर खान ने गर्भावस्थां से लेकर 6 वर्ष की आयु तक बेहतर स्वास्थ्य व् पोषण को इस उम्र की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया ।
उन्होंने अपने सत्र के दौरान एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी के रोकथाम के लिए विस्तार पूर्वक चर्चा की साथ ही एनीमिया से बचाव के तरीके भी बताएं । प्रशिक्षण में हसहयोगी संस्था वैन लीर फाउंडेशन के जिला समन्वयक (वी एल एफ) के अनुभव गर्ग द्वारा जीवन प्रथम 1000 दिनों के दौरान संवेदनशील परवरिश महत्त्व बताते हुए बताया की भारत की नई पीढ़ी का बेहतर बौद्धिक एवं मानसिक विकास जीवन के प्रथम 1000 दिनों में की गई बेहतर संवेदनशील परवरिश से ही संभव है साथ ही बाल्यावस्था में होने वाले विकास के पड़ावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।
बैठक में बाल विकास पुष्टाहार विभाग की सेक्टर पर्यवेक्षक मधु गुप्ता ,पीरामल फाउंडेशन के गांधी फेलो,अक्षय,अनुप्रिया एवं ऐश्वर्या आदि उपस्थित रहे । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शृंखला में आकांक्षी जनपद के 14 बाल विकास परियोजनाओं के 101 सेक्टर में लगभग 2900 से अधिक आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 14 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है ।
